बलरामपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बलरामपुर डिपो में बसों की कम होती आमदनी को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बसों का लोड फैक्टर यानी यात्रियों से होने वाली आय 50 प्रतिशत से कम पाए जाने पर 27 परिचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। परिवहन विभाग ने सभी परिचालकों से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, बलरामपुर डिपो की बसों में परिचालकों के प्रदर्शन और राजस्व की समीक्षा की गई थी। इस समीक्षा में एक जुलाई से 20 जुलाई तक के परिचालन प्रतिफलों को देखा गया। इस दौरान पाया गया कि 27 परिचालकों की बसों का लोड फैक्टर निर्धारित मानक से काफी कम रहा। विभाग के मुताबिक, बसों में यात्रियों की संख्या कम होने से आय प्रभावित हुई है।
क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक गोपी नाथ दीक्षित ने बताया कि परिवहन निगम की बसों की नियमित निगरानी की जा रही है। यात्रियों की संख्या, टिकट बिक्री और बसों से प्राप्त होने वाली आय के आधार पर परिचालकों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है। इसी क्रम में समीक्षा के दौरान कई परिचालकों का लोड फैक्टर 50 प्रतिशत से कम पाया गया। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में परिचालकों से पूछा गया है कि आखिर किन कारणों से उनकी बसों की आय कम रही। उन्हें तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत करना होगा। विभाग यह जानना चाहता है कि कम लोड फैक्टर के पीछे वास्तविक वजह क्या रही। यदि परिचालकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि परिवहन निगम की बसों से बेहतर राजस्व प्राप्त करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए परिचालकों को यात्रियों को बेहतर सुविधा देने, टिकटिंग व्यवस्था में सुधार करने और बसों के संचालन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए जाते हैं। लगातार कम आय देने वाली बसों और उनके संचालन से जुड़े कर्मचारियों की समीक्षा की जाती है।
जिन परिचालकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें सत्य प्रकाश, अमित कुमार भारती, राजव्रत द्विवेदी, राम करन पाल, संतोष कुमार आर्य, श्याम जी यादव, इंद्र सिंह, रंजीत कुमार, अशोक कुमार वर्मा, शोभित कुमार यादव, सकील अहमद, विकास यादव, आशीष तिवारी, संतोष कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा अनिल कुमार उर्फ आउटसाइडर, अनुराग पांडेय, अमर, आशुतोष सिंह, संतोष कुमार सिंह, रवि कुमार यादव, राजू तिवारी, मनहक कसूहान, विपिन कुमार, दिलपेन्द्रा सिंह पाल, पिंटू शुक्ला, आरती चौधरी और देवेंद्र कुमार को भी नोटिस जारी किया गया है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए नहीं, बल्कि बस संचालन को बेहतर बनाने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आने वाले दिनों में परिचालकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बलरामपुर डिपो में यात्रियों की संख्या बढ़ाने और बस सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग लगातार समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस तरह की निगरानी से बसों की आय में सुधार आएगा और परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।