Farmer मुद्दे पर भाकियू सक्रिय, जेई प्रकरण में पारदर्शी जांच की उठाई आवाज
Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) से जुड़े विवादित मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों और विवाद की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
भाकियू (अराजनीतिक) के युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि किसानों ने जेई मोहर सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन के अनुसार, ग्राम घड़ी बड़वाल के एक किसान की ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन को लेकर विवाद सामने आया था। किसानों का आरोप है कि जेई मोहर सिंह ने कथित रूप से दूसरे पक्ष से 50 हजार रुपये लेकर किसान का बिजली कनेक्शन कटवा दिया था।
संगठन ने बताया कि इस मामले को लेकर किसानों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। करीब डेढ़ वर्ष तक चले आंदोलन के दौरान जिलाधिकारी सहित बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। इसके अलावा किसान दिवस के मंच पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। भाकियू (अराजनीतिक) का दावा है कि लगातार प्रयासों के बाद संबंधित किसान का बिजली कनेक्शन दोबारा बहाल कराया गया और उसे राहत मिली।
प्रेस नोट में संगठन ने यह भी कहा कि कुछ किसानों की ओर से जेई मोहर सिंह के पूर्व कार्यस्थलों को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। किसानों का आरोप है कि ग्राम दतियाना क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर भी उनकी कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। भाकियू (अराजनीतिक) ने इन सभी शिकायतों की भी जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी उच्च अधिकारी या निष्पक्ष जांच टीम से कराई जाए। भाकियू ने कहा कि यदि जांच में जेई मोहर सिंह पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जाए।
वहीं संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जेई मोहर सिंह के साथ किसी प्रकार की मारपीट या अभद्रता की घटना हुई है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाकियू (अराजनीतिक) ने कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाकियू (अराजनीतिक) ने कहा कि संगठन भ्रष्टाचार का विरोध करता है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना जांच के निर्णय नहीं होना चाहिए। संगठन की मांग है कि मामले की जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाए, जिससे दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई हो और निर्दोष को न्याय मिल सके।
संगठन ने प्रशासन से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच पूरी कराई जाए। भाकियू ने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही किसानों और सरकारी कर्मचारियों दोनों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा। संगठन ने दोहराया कि पारदर्शी जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई ही इस विवाद का सही समाधान है।