लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 350 सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित करने के बाद पार्टी अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुट गई है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर शनिवार को प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और बूथ स्तर तक पार्टी की पहुंच मजबूत करने को लेकर मंथन किया जा रहा है।
इससे पहले शुक्रवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक आयोजित हुई थी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस बैठक का उद्घाटन किया था। उनके संबोधन के बाद पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जीत का लक्ष्य हासिल करने का संदेश दिया गया। अब शनिवार की बैठक में कार्यसमिति में हुई चर्चा के आधार पर संगठन की आगामी रूपरेखा तैयार की जा रही है। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं।
350 सीटों का लक्ष्य, तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी
भाजपा ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 403 में से 350 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। पार्टी की कोशिश लगातार तीसरी बार राज्य में अपनी सरकार बनाने की है। शुक्रवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए संगठन और चुनाव प्रबंधन का खाका तैयार किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार को मजबूत बताते हुए आगामी चुनाव में जीत का भरोसा जताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यकर्ताओं से समाज को बांटने वाली राजनीति से सतर्क रहने और संगठन की मजबूती के लिए काम करने की अपील की।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर चुनाव में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने टिकट से ज्यादा पार्टी की जीत को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर विशेष जोर
शनिवार की बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत बनाने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा का मानना है कि विधानसभा चुनाव में सफलता के लिए केवल प्रदेश और जिला स्तर पर गतिविधियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता जरूरी है।
इसके तहत बूथ समितियों को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और नियमित बैठकें आयोजित करने की योजना पर चर्चा की जा रही है। मंडल और जिला स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने पर भी जोर रहेगा।
पार्टी की कोशिश है कि संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता को उसकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से सौंपी जाए। इसके साथ ही चुनाव से पहले पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों को गांव, कस्बे तथा शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक बूथ तक पहुंचाया जाए।
नवंबर-दिसंबर में चलेंगे व्यापक संगठनात्मक अभियान
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा ने नवंबर और दिसंबर के दौरान व्यापक संगठनात्मक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इन अभियानों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आम लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी है।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बैठक में चुनावी तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्राएं निकाली जाएंगी। प्रत्येक पदयात्रा में लगभग 25 हजार या उससे अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 3 नवंबर को अवध क्षेत्र की पदयात्रा लखनऊ और ब्रज क्षेत्र की पदयात्रा बरेली में आयोजित होगी। 4 नवंबर को गोरखपुर क्षेत्र के साथ प्रयागराज और कानपुर में भी कार्यक्रम होंगे। वहीं 5 नवंबर को पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा गाजियाबाद में निकाली जाएगी।
इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
युवा, महिलाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति
भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति में युवा, महिलाएं और नए मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। पार्टी इन वर्गों के बीच संगठन की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
कार्यसमिति में मतदाता सूची को चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। धर्मपाल सिंह के अनुसार, दीपावली के बाद विशेष अभियान चलाकर नए मतदाताओं, खासकर युवाओं और महिलाओं से ऑनलाइन फॉर्म-6 भरवाए जाएंगे। इसका उद्देश्य पात्र नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जागरूक करना है।
इसके अलावा पार्टी का जोर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर भी रहेगा। इसके लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग सामाजिक और व्यावसायिक वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सामाजिक समरसता और सर्वसमावेशी विकास के मुद्दों पर भी संगठन की गतिविधियां केंद्रित रहेंगी।
पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में संगठनात्मक मंथन
शनिवार की बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंकज चौधरी के सामने प्रदेश संगठन को एकजुट रखते हुए आगामी चुनाव के लिए सक्रिय करना बड़ी चुनौती है। वहीं धर्मपाल सिंह संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच समन्वय मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश कार्यसमिति में लिए गए निर्णयों को केवल बैठक और प्रस्ताव तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू किया जाए। इसके लिए संगठनात्मक कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा, बूथ समितियों की सक्रियता और कार्यकर्ताओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मिशन 2027 के लिए अभी से चुनावी मोड में भाजपा
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में पार्टी ने चुनाव से काफी पहले संगठनात्मक तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और शनिवार को प्रदेश पदाधिकारियों का मंथन इसी रणनीति का हिस्सा है।
भाजपा का लक्ष्य 350 सीटें जीतने का है। इसके लिए पार्टी नवंबर-दिसंबर में संगठनात्मक अभियान, पदयात्राओं, बूथ प्रबंधन और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर काम करेगी। अब देखना होगा कि भाजपा की यह रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव में कितनी प्रभावी साबित होती है।