Bareilly: डेटा सुरक्षा को लेकर संसद में चर्चा, मामलों के रिकॉर्ड रखने की मांग

"डेटा दुरुपयोग रोकने के उपाय सुझाए"

Update: 2026-03-19 11:01 GMT

बरेली: देश मे लाखों सरकारी डेटा सेट निजी तकनीकी प्लेटफॉर्मों को उपलब्ध कराए जा रहे है लेकिन उनके उपयोग, सुरक्षा और संभावित दुरुपयोग को लेकर सरकार के पास अभी तक कोई स्पष्ट और समेकित जवाबदेही तंत्र नही है। आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य ने मांग की है कि डेटा दुरुपयोग से जुड़े मामलों का केंद्रीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जाए और इस पर नियमित रिपोर्ट संसद में पेश की जाए ताकि नागरिकों की गोपनीयता और अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

दरअसल आंवला से सांसद नीरज मौर्य ने पिछले पांच वर्षों मे निजी कंपनियों को सरकारी डेटा सेट उपलब्ध कराने, उनमें व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी शामिल होने, तथा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे आधार, यूपीआई और डिजिलॉकर में निजी भागीदारी से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी थी। उन्होंने डेटा दुरुपयोग, गोपनीयता उल्लंघन और स्वतंत्र ऑडिट मे सामने आई कमियों के बारे में भी सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री नेलिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने एआई कोश, ओपन गवर्नमेंट डेटा प्लेटफॉर्म और नेशनल डेटा एंड एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म जैसे माध्यमों से लाखों डेटा सेट उपलब्ध कराए हैं।

सरकार के अनुसार, यह व्यवस्था नवाचार, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवावितरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है। हालांकि सांसद का कहना है कि सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि डेटा दुरुपयोग के कितने मामले सामने आए, कितनी शिकायतें दर्ज हुई और उन पर क्या कार्रवाई की गई।

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