Bareilly: थिएटर फेस्ट के 10वें दिन नाटक ने छुआ दिल

Update: 2025-08-30 13:59 GMT

बरेली: थिएटर अड्डा में रंगालय एकेडेमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर द्वारा आयोजित तृतीय 15 दिवसीय थिएटर फेस्टिवल की दसवें दिन की शाम सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रही। खुशलोक सभागार में युथ थिएटर शाहजहांपुर ने नाटक ‘आखरी रंग’ का मंचन कर उपस्थित दर्शकों को जीवन के गहरे रंगों से रूबरू कराया।

नाटक की कथा एक कलाकार के जीवन के संघर्ष, उसकी खुशियों और बलिदानों को प्रस्तुत करती है, जो समाज की सच्चाइयों को मंच पर रंगों के जरिए जीवंत बनाता है, जबकि उसका अपना जीवन अक्सर बेरंग या संघर्षों से भरा रहता है।

‘आखरी रंग’ में लेखक युग मेहता और निर्देशक शादान खान ने कलाकार की भावनाओं, उसकी जिजीविषा और दर्शकों के लिए किये गए त्याग को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ दर्शाया। संवादों के माध्यम से कलाकार के द्वंद्व, तालियों की गड़गड़ाहट और वाहवाही के पीछे छुपी उसकी असलियत और खुशियों को दर्शकों तक पहुंचाया गया। नाटक में बताया गया कि कलाकार कैसे अपनी खुशियों को दांव पर लगाकर सिर्फ अपने हुनर और जिम्मेदारी से दर्शकों को आनंद पहुंचाने का प्रयास करता है।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसमें पार्षद राजेश अग्रवाल, धर्मेंद्र गुप्ता और डॉ. विनोद पागरानी ने उपस्थित होकर फेस्टिवल का शुभारंभ किया। थिएटर फेस्टिवल में कल शनिवार को युगांधर थिएटर बरेली द्वारा ‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’ का मंचन किया जाएगा।

आयोजक शैलेन्द्र आजाद बताते हैं कि थिएटर फेस्टिवल में चल रहे नाटकों के माध्यम से बरेली का सांस्कृतिक माहौल जीवंत हो रहा है, जिसमें कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट अभिनय क्षमता और सामाजिक संदेशों से दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। इसमें प्रतिभाग करने वाली टीमें बाहर से आ रहीं हैं और अपनी कला का परिचय दे रहीं हैं, आज दस दिन हो चुके हैं आगामी पांच दिनों में और बेहतर प्रस्तुतियां होंगी।

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