Auraiya: दुल्हन ने प्रेमी के साथ मिलकर कराई पति की हत्या

"साजिश से पहले बनाई थी रील"

Update: 2025-03-31 06:39 GMT

औरैया: मैनपुरी के भोगांव निवासी दिलीप यादव की हत्या की साजिश 17 मार्च को औरैया के एक होटल में रची गई। हत्या से पहले उसकी पत्नी प्रगति ने होटल के कमरे में एक रील बनाई, जो बाद में पुलिस जांच में सामने आई। जब पुलिस ने अनुराग यादव (प्रगति के प्रेमी) का मोबाइल खंगाला तो उसमें यह रील और कई आपत्तिजनक वीडियो मिले।

इस रील में प्रगति ‘आसमां में जैसे बादल हो रहे हैं... हम धीरे-धीरे पागल हो रहे हैं...’ गाने पर चेहरे और हाथों से प्रतिक्रिया देती नजर आ रही थी। जांच में सामने आया कि प्रगति पहले होटल पहुंची थी और अनुराग को बुलाने से पहले उसने यह रील बनाई और उसे भेजी थी।

मैनपुरी में रची गई थी हत्या की साजिश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खौफनाक हत्या की पटकथा मैनपुरी में लिखी गई। दिलीप मूल रूप से भोगांव के नगला दीपा का रहने वाला था। 5 मार्च को शादी के बाद दुल्हन प्रगति को घर लाया गया, जहां मुंह दिखाई की रस्म हुई। 10 मार्च को प्रगति अपने मायके चली गई, लेकिन 12 मार्च को वह दिलीप से मिलने औरैया के दिबियापुर स्थित उसके ऑफिस पहुंची।

गोली मारकर हत्या की गई

19 मार्च को कन्नौज के उमर्दा में दिलीप पर शूटरों ने हमला किया। पहले उसके साथ मारपीट की, फिर सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। दो दिन बाद 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई।

पत्नी ही निकली साजिशकर्ता

औरैया पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया कि इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड दिलीप की पत्नी प्रगति थी। उसने अपने प्रेमी अनुराग यादव (फफूंद निवासी) और शूटर रामजी नागर (अछल्दा निवासी) के जरिये यह हत्या कराई।

दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय हुई थी। इसके लिए प्रगति ने मुंह दिखाई में मिले एक लाख रुपये एडवांस में दिए थे।

परिजनों की मांग – एनकाउंटर में मारो हत्यारों को

दिलीप के पिता सुमेर सिंह और मां सुमन देवी ने कहा कि जिस तरह उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कराई गई, उसी तरह आरोपियों को भी पुलिस एनकाउंटर में गोली मार दे। उन्होंने आखिरी दम तक मुकदमा लड़ने और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने का संकल्प लिया।

बड़ी बहन पारुल हुई गुमसुम

प्रगति की इस करतूत से उसकी बड़ी बहन पारुल सदमे में है। उसका कहना है कि छोटी बहन ने जो किया, उसकी सजा उसे कानून देगा।

दिलीप की जिद बनी जानलेवा

परिजनों के मुताबिक, दिलीप और प्रगति की बातचीत तीन साल पहले शुरू हुई थी। पिछले एक साल से दिलीप परिजनों से जिद कर रहा था कि शादी प्रगति से ही कराई जाए। आखिरकार परिजन उसकी जिद के आगे झुक गए और शादी कर दी।

शादी के दौरान दिलीप ने प्रगति के लिए आठ लाख रुपये के गहने और साड़ियां खरीदी थीं। लेकिन वह नहीं जानता था कि जिस पत्नी के लिए उसने इतना कुछ किया, वही उसकी जान की दुश्मन बन जाएगी।

हत्या के बाद भी करती रही नाटक

हमले के बाद जब परिजन और पुलिस दिलीप को सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए, तो कुछ देर बाद प्रगति भी वहां पहुंच गई। जब दिलीप को ग्वालियर रेफर किया गया, तो वह वहां भी साथ गई। परिजनों ने उसे वापस भेज दिया, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह सिर्फ अपनी करतूत छिपाने के लिए नाटक कर रही थी।

पुलिस जल्द सौंपेगी चार्जशीट

पुलिस के मुताबिक, हत्या के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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