उत्तर प्रदेश के बरेली की भ्रष्टाचार निरोधक टीम (एंटी करप्शन) टीम ने मंगलवार को शाहजहांपुर की सदर तहसील में एक लेखपाल को 5000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. लेखपाल किसान से वारिसान प्रमाण पत्र के नाम पर 5000 की रिश्वत मांग रहा था. एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद आरोपी लेखपाल उत्कर्ष वर्मा किसान सुखपाल के सामने गिड़गिड़ाने लगा. वह बचाने को गुहार लगा रहा था. मगर टीम ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.


एंटी करप्शन यूनिट से संपर्क किया
शाहजहांपुर जनपद की सदर तहसील के दिलावर देवकली गांव निवासी किसान सुखपाल सिंह यादव ने लेखपाल उत्कर्ष वर्मा को वारिशान प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने को दी थी. वह 15 दिन से रिपोर्ट लगाने को गुहार लगा रहा था. मगर लेखपाल ने 15 दिन गुजरने के बाद भी रिपोर्ट नहीं लगाई. लेखपाल ने किसान से 5000 की रिश्वत मांग की. इसके चलते सुखपाल सिंह यादव ने 18 जून को बरेली स्थित एंटी करप्शन यूनिट से संपर्क किया. मंगलवार को सुखपाल यादव ने लेखपाल को तहसील परिसर के एक भवन में बुलाया.
लेखपाल को 500 के 100 नोट दिए
किसान ने तहसीलदार कार्यालय के सामने गली में ले जाकर लेखपाल को 500 के 100 नोट दिए. एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल उत्कर्ष वर्मा को 5000 की रिश्वत के साथ पकड़ लिया.वह कार्रवाई से बचने को गिड़गिड़ाने लगा. एंटी करप्शन टीम ने कोतवाली में आरोपी लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. सुखपाल सिंह का कहना है कि जनवरी 2019 में पिता रामस्वरूप सिंह की मृत्यु हो गई थी. इसके चलते 16 जुलाई 2019 को वारिसान प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था. लेखपाल उत्कर्ष वर्मा ने निवास स्थान की गलत रिपोर्ट लगा दी. इससे प्रमाण पत्र नहीं बन सका.इसलिए दोबारा कोशिश की थी. वह रिश्वत मांगने लगाके.इसलिए ही एंटी करप्शन की बरेली यूनिट में शिकायत की थी.


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