Saharanpur में बोले अनिल कुमार, भाजपा-रालोद गठबंधन मजबूत स्थिति में

समीकरणों में बदलाव की चर्चा हो रही है।

Update: 2026-07-03 10:06 GMT

Saharanpur सहारनपुर :  राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के गठबंधन को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। किसान मसीहा एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह और दिवंगत चौधरी अजित सिंह के राजनीतिक वारिस केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों को पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी रालोद नेताओं की करीबी बढ़ी है। इसके संकेत संगठनात्मक स्तर पर भी दिखाई दे रहे हैं, जहां पश्चिम यूपी में क्षेत्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर जातीय समीकरणों में बदलाव की चर्चा हो रही है।

रालोद कोटे से योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और किसान-केंद्रित नीतियों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रालोद को सरकार में उचित सम्मान मिल रहा है और गठबंधन मजबूत स्थिति में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर दौरे के दौरान रालोद नेताओं को भी शामिल किया और विकास योजनाओं पर चर्चा की।अनिल कुमार ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में रालोद पूरी तरह एनडीए के साथ मिलकर 403 सीटों पर सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम यूपी में एनडीए की मजबूती के लिए यह गठबंधन महत्वपूर्ण साबित होगा। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और जनता में उनका जनाधार मजबूत हुआ है।

उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े हालिया दान विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मुख्यमंत्री की छवि पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। अनिल कुमार ने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं और उनकी सभाओं में बड़ी भीड़ देखने को मिल रही है।रालोद सांसद चंदन चौहान ने भी भाजपा-रालोद गठबंधन को मजबूत और टिकाऊ बताया तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसान हितों को लेकर सरकार की नीतियां सकारात्मक हैं और इससे जनता में भरोसा बढ़ा है।

इसी बीच, पूर्व योजना आयोग सदस्य प्रोफेसर सुधीर पंवार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्षेत्र में जातीय और सामाजिक गठजोड़ तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में सपा और एनडीए दोनों के लिए नए राजनीतिक समीकरण चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।कुल मिलाकर, पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और रालोद गठबंधन को लेकर बढ़ती नजदीकियां आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दे रही हैं।

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