पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में बदलाव, सरकार ने पास किया प्रस्ताव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में आंशिक बदलाव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। नए बदलाव का उद्देश्य एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना है।
सरकार के अनुसार, यह संशोधन लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 और लखनऊ-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के पास प्रस्तावित इंटरचेंज क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पुराने अलाइनमेंट के कारण इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में आबादी प्रभावित होने की संभावना थी। नए रूट के जरिए लोगों को कम परेशानी होगी और परियोजना का निर्माण भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि संशोधित अलाइनमेंट के बाद लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई में 1.18 किलोमीटर की वृद्धि होगी। पहले इसकी लंबाई 49.80 किलोमीटर प्रस्तावित थी, जो अब बढ़कर 50.98 किलोमीटर हो जाएगी। हालांकि, लंबाई बढ़ने के बावजूद परियोजना की कुल लागत में कोई अतिरिक्त वृद्धि नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त दूरी के कारण आने वाले खर्च की भरपाई दूसरे निर्माण कार्यों में होने वाली बचत से की जाएगी। प्रस्तावित इंटरचेंज के स्थान पर अंडरपास बनाए जाने से लागत में कमी आएगी, जिससे कुल परियोजना लागत पहले की तरह ही बनी रहेगी।
सरकार का मानना है कि यह बदलाव विकास और जनहित दोनों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से जहां यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, वहीं आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा आसान हो जाएगी।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे माल परिवहन को गति मिलेगी और औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, संशोधित योजना के तहत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार लगातार प्रदेश में सड़क और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्टों पर काम कर रही है। आगरा-लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए राज्य के प्रमुख एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ेंगे।
घनी आबादी को बचाते हुए एक्सप्रेसवे का नया अलाइनमेंट तैयार करने से स्थानीय लोगों को कम नुकसान होगा। साथ ही, भविष्य में यातायात दबाव को देखते हुए यह बदलाव उपयोगी साबित होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की गुणवत्ता और गति दोनों को बनाए रखते हुए काम आगे बढ़ाया जाएगा।