लखनऊ । समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और सत्तारूढ़ BJP उसका बचाव इसलिए कर रही है क्योंकि उसके जरिए चुनावी व्यवस्था में कथित तौर पर हेरफेर किया जाता है। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाताओं को सुविधा देना और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना है, न कि किसी राजनीतिक दल के इशारे पर काम करना।अखिलेश यादव ने यह बयान नई दिल्ली में INDIA गठबंधन के चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर निकाले गए विरोध मार्च में शामिल होने के बाद दिया। विपक्षी सांसदों और नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर मार्च निकाला था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन सदन की ओर जाने से रोक दिया।
मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच तनातनी की स्थिति बनी। कई सांसदों और नेताओं को हिरासत में लिया गया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल थे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेता भी मार्च में मौजूद रहे।इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई नेताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय के नजदीक आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया। विपक्ष का कहना था कि वह चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर जवाब चाहता है और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेगा।पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, “चुनाव आयोग को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए। उसका काम वोटर रजिस्ट्रेशन में मदद करना और ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखना है जिससे आम जनता को कोई परेशानी या दिक्कत न हो। उसे BJP के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए।”
अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर है और धरना जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं को समान व्यवहार की उम्मीद रहती है।उन्होंने BJP पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल चुनाव आयोग का बचाव कर रहा है। अखिलेश यादव के मुताबिक विपक्ष जब चुनावी प्रक्रिया या मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाता है तो BJP उन आरोपों को खारिज कर देती है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण विपक्ष को सड़क पर उतरकर अपनी बात रखनी पड़ रही है।
विपक्षी INDIA गठबंधन का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच हुआ। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता के सवाल हैं और कई पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना रहा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची को सही और अपडेट रखना है। आयोग के मुताबिक मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट या अन्य अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना और योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना नियमित चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है।अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होनी चाहिए कि किसी पात्र मतदाता को वोट देने में परेशानी न आए। उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण की व्यवस्था आसान होनी चाहिए और चुनावी ढांचे को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि आम लोगों को अपने नाम जुड़वाने या सुधार कराने के लिए कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों को रास्ते में रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद कई नेता सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।राहुल गांधी भी प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड पर चढ़ते दिखाई दिए। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। अखिलेश यादव समेत अलग-अलग विपक्षी दलों के नेता भी पुलिस कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए।
INDIA गठबंधन के नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़े सवालों को लेकर है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहा है। वहीं BJP ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।इस पूरे विवाद के बीच अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग से निष्पक्षता की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए चुनाव आयोग को ऐसा काम करना चाहिए जिससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल न उठें।
फिलहाल चुनाव आयोग और SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज है। INDIA गठबंधन ने अपना विरोध जारी रखने के संकेत दिए हैं, जबकि BJP विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है।अखिलेश यादव के ताजा बयान से इस विवाद में एक और राजनीतिक मोर्चा खुल गया है। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष तरीके से काम करने की मांग करते हुए BJP पर कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। हालांकि ये आरोप राजनीतिक हैं और BJP तथा चुनाव आयोग की ओर से इनके संबंध में अलग-अलग पक्ष सामने आते रहे हैं।6 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग की ओर मार्च, अखिलेश यादव की मौजूदगी और कई विपक्षी नेताओं की हिरासत की पुष्टि समकालीन रिपोर्टों से होती है।
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