समस्तीपुर। रेल यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए रेलवे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक का सहारा लेने की तैयारी कर रहा है। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और बागमती एक्सप्रेस समेत समस्तीपुर होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों की पैंट्री कार में AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से पैंट्री कार की साफ-सफाई के साथ भोजन तैयार करने, उसकी पैकिंग और यात्रियों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।

नई व्यवस्था की खास बात यह होगी कि पैंट्री कार में चूहा, कॉकरोच या गंदगी दिखाई देने पर AI सिस्टम इसकी पहचान कर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज सकेगा। इससे रेलवे अधिकारियों को समस्या की जानकारी जल्दी मिल सकेगी और समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

पूर्व मध्य रेल के पांच मंडलों के अंतर्गत करीब 50 प्रमुख ट्रेनों की पैंट्री कार और समस्तीपुर जंक्शन सहित लगभग 25 रेलवे स्टेशनों की कैंटीन में यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। रेलवे ने मार्च 2027 तक इस व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य रखा है।

समस्तीपुर होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेनें शामिल

समस्तीपुर जंक्शन से होकर बड़ी संख्या में लंबी दूरी की ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें कई ट्रेनों में यात्रियों के लिए पैंट्री कार की सुविधा उपलब्ध है।

AI कैमरों की निगरानी के दायरे में आने वाली प्रमुख ट्रेनों में 12561/12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, 12577/12578 बागमती एक्सप्रेस, 12565/12566 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और 12553/12554 वैशाली एक्सप्रेस शामिल हैं।

इन ट्रेनों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पैंट्री से भोजन तथा अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं।

चूहा-कॉकरोच दिखते ही अलर्ट

AI आधारित कैमरों को इस तरह इस्तेमाल करने की तैयारी है कि वे पैंट्री कार में साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर सकें। अगर कैमरे में चूहा या कॉकरोच जैसी स्थिति दिखाई देती है तो सिस्टम इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएगा।

इसी तरह पैंट्री में अत्यधिक गंदगी या साफ-सफाई के मानकों से जुड़ी समस्या होने पर भी निगरानी की जा सकेगी।

इससे अधिकारियों को केवल यात्रियों की शिकायत का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। तकनीक के माध्यम से समस्याओं की पहचान पहले ही की जा सकेगी।

खाना बनाने की प्रक्रिया पर भी नजर

AI कैमरों का इस्तेमाल सिर्फ चूहों, कॉकरोच और गंदगी की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। पैंट्री कार में खाना तैयार करने की प्रक्रिया भी निगरानी के दायरे में रहेगी।

खाद्य सामग्री को किस तरह रखा जा रहा है, खाना बनाने के दौरान साफ-सफाई का कितना ध्यान रखा जा रहा है और भोजन को तैयार करने के बाद किस तरह पैक किया जा रहा है, इन सभी चरणों पर नजर रखी जाएगी।

इससे पैंट्री कार में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पैकिंग से यात्रियों तक भोजन पहुंचाने की निगरानी

ट्रेन में भोजन तैयार होने के बाद उसकी पैकिंग और यात्रियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है। नई व्यवस्था में इस हिस्से को भी निगरानी में शामिल किया जाएगा।

भोजन तैयार होने से लेकर पैकिंग और वितरण तक की प्रक्रिया कैमरों में रिकॉर्ड होने से किसी शिकायत की स्थिति में जांच करना आसान हो सकता है।

अगर किसी यात्री की ओर से भोजन की गुणवत्ता, पैकिंग या स्वच्छता को लेकर शिकायत की जाती है तो संबंधित समय के फुटेज की मदद से स्थिति को समझा जा सकेगा।

50 प्रमुख ट्रेनों में लागू करने की तैयारी

पूर्व मध्य रेल के पांच मंडलों में चलने वाली करीब 50 प्रमुख ट्रेनों की पैंट्री कार में AI आधारित कैमरे लगाने की योजना है।

इनमें लंबी दूरी की वे ट्रेनें शामिल होंगी जिनमें नियमित रूप से पैंट्री सेवा उपलब्ध रहती है। रेलवे की कोशिश बड़ी संख्या में यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधा उपलब्ध कराने की है।

AI आधारित निगरानी शुरू होने के बाद पैंट्री संचालकों और कर्मचारियों पर भी साफ-सफाई तथा भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी बढ़ेगी।

25 स्टेशनों की कैंटीन भी निगरानी के दायरे में

AI कैमरों की व्यवस्था केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगी। पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले करीब 25 प्रमुख रेलवे स्टेशनों की कैंटीन में भी इसे लागू करने की तैयारी है।

इनमें समस्तीपुर जंक्शन भी शामिल है। रेलवे स्टेशनों पर स्थित कैंटीन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री भोजन और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं।

ऐसे में स्टेशन की कैंटीन में AI आधारित निगरानी शुरू होने से भोजन तैयार करने वाले स्थान, किचन और साफ-सफाई पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।

मार्च 2027 तक व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य

रेलवे की योजना इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की है। लक्ष्य मार्च 2027 तक चयनित ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों में AI आधारित निगरानी व्यवस्था शुरू करने का है।

इसके लिए कैमरों के साथ आवश्यक तकनीकी सिस्टम तैयार किया जाएगा। AI सिस्टम से मिलने वाले अलर्ट को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

अलर्ट मिलने के बाद कितनी जल्दी कार्रवाई होती है, इससे नई व्यवस्था की प्रभावशीलता तय होगी।

यात्रियों की शिकायतों पर हो सकेगी जांच

ट्रेनों में पैंट्री से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर समय-समय पर यात्रियों की शिकायतें सामने आती हैं। कई बार सोशल मीडिया पर पैंट्री में गंदगी या खाद्य सामग्री की खराब स्थिति से जुड़े वीडियो भी सामने आते हैं।

AI कैमरों की मदद से रेलवे के पास निगरानी का अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होगा।

शिकायत मिलने की स्थिति में कैमरों के रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि संबंधित समय पर पैंट्री कार में क्या स्थिति थी।

कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी

पैंट्री कार और रेलवे स्टेशन की कैंटीन में कैमरों से लगातार निगरानी होने पर कर्मचारियों और संचालकों की जवाबदेही बढ़ सकती है।

उन्हें खाना तैयार करते समय साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव और पैकिंग के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

इसके साथ ही किचन में कचरा जमा होने, खाद्य सामग्री खुले में रखने या अन्य स्वच्छता संबंधी लापरवाही की पहचान भी आसानी से हो सकेगी।

रेलवे में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

रेलवे विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ा रहा है। अब खानपान व्यवस्था की निगरानी में AI कैमरों का उपयोग यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समस्तीपुर होकर चलने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, बागमती एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में पैंट्री कार की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर तकनीकी निगरानी यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

फिलहाल पूर्व मध्य रेल के पांच मंडलों की करीब 50 प्रमुख ट्रेनों और 25 रेलवे स्टेशनों की कैंटीन में इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है। मार्च 2027 तक AI आधारित कैमरों से निगरानी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। व्यवस्था लागू होने के बाद पैंट्री में चूहा, कॉकरोच या गंदगी दिखाई देने पर अधिकारियों को तुरंत अलर्ट मिलने के साथ भोजन तैयार करने से लेकर यात्रियों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकेगी।

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