पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण के बाद मंदिरों को Ganga जल से शुद्ध कर फिर खोला गया

Update: 2026-03-03 16:10 GMT
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। वर्ष 2026 के पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण के बाद नोएडा के कई मंदिरों में पूजा और धार्मिक गतिविधियों के लिए तैयारियां की गईं। ग्रहण का समय दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहा। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों को गंगा जल से शुद्ध किया गया और पूजा के लिए पुनः खोल दिया गया।
नोएडा के सेक्टर 19 स्थित सनातन धर्म मंदिर में भक्तों ने ग्रहण के समय मंदिर बंद रहने के कारण थोड़ी प्रतीक्षा की। ग्रहण समाप्त होते ही मंदिर को साफ-सुथरा कर गंगा जल से शुद्ध किया गया। मंदिर प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं को सूचित किया कि अब वे पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में भाग ले सकते हैं।
भक्तों ने कहा कि मंदिर में प्रवेश करने से पहले हर जगह सफाई और शुद्धिकरण किया गया था, जिससे सभी को धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने में सुविधा हुई। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि यह परंपरा है कि ग्रहण के समय मंदिर बंद रहते हैं और ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगा जल से शुद्धिकरण कर पूजा के लिए खोलते हैं।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रहण के बाद गंगा जल से शुद्धिकरण करने का उद्देश्य वातावरण और मंदिर को सकारात्मक ऊर्जा से भरना है। इससे भक्तों का मन और पूजा स्थली दोनों शुद्ध रहते हैं। मंदिर में भक्तों की भीड़ रही और सभी ने सामाजिक दूरी और शांति बनाए रखते हुए पूजा की। इस अवसर पर मंदिर में विधिपूर्वक अनुष्ठान संपन्न हुए और श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किए।
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