अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के कटेहरी रेलवे स्टेशन पर करीब सात वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर यात्री ट्रेनों के ठहराव की सुविधा बहाल हो गई है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किए गए रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव का निर्णय होने से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से ट्रेनों का ठहराव बंद रहने के कारण स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहता था, लेकिन अब रेल सेवाएं बहाल होने के साथ स्टेशन पर यात्रियों की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने त्योहारों को देखते हुए अयोध्या और वाराणसी के बीच चलने वाली विशेष ट्रेनों को कटेहरी स्टेशन पर ठहराव देने का निर्णय लिया है।

रेलवे की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए अप और डाउन दिशा में ट्रेनों के ठहराव की अनुमति दी गई है। इससे आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

सात साल बाद खत्म हुआ यात्रियों का इंतजार

कटेहरी रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से यात्री ट्रेनों के नहीं रुकने के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

स्थानीय नागरिक लगातार स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बहाल करने की मांग कर रहे थे। स्टेशन के पुनर्विकास और रेल लाइन के दोहरीकरण के बाद भी यात्री सेवाएं शुरू नहीं होने से लोगों में निराशा थी।

रेलवे प्रशासन की ओर से ठहराव की अनुमति मिलने के बाद यात्रियों में उत्साह दिखाई दिया। शाम से ही स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर चहल-पहल बढ़ने लगी।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रेनों के ठहराव से उन्हें अब दूसरे रेलवे स्टेशनों तक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

100 करोड़ रुपये से स्टेशन का कायाकल्प

कटेहरी रेलवे स्टेशन का लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया गया है। इसके अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पुराने स्वरूप को बदलकर आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

स्टेशन पर नया भवन तैयार किया गया है। रेल लाइन का दोहरीकरण किया गया है और यात्रियों के लिए लगभग 625 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म बनाया गया है।

इसके अलावा यात्री प्रतीक्षालय, शौचालय, चारदीवारी, फुट ओवरब्रिज, दोनों ओर यात्री शेड और बैठने के लिए सीमेंट की बेंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के विकास के बावजूद यात्री ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से इन सुविधाओं का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा था।

अयोध्या-वाराणसी के बीच विशेष ट्रेन का ठहराव

उत्तर रेलवे ने त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या और वाराणसी के बीच अप और डाउन दिशा में विशेष ट्रेन सेवाएं संचालित करने का निर्णय लिया है।

इन ट्रेनों को कटेहरी रेलवे स्टेशन पर एक-एक मिनट का ठहराव दिया गया है।

जारी समय सारिणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 04201 वाराणसी से शाम 4 बजकर 20 मिनट पर प्रस्थान कर रात 8 बजकर 32 मिनट पर कटेहरी पहुंचेगी।

इसके बाद रात 8 बजकर 33 मिनट पर अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी।

वापसी दिशा की विशेष ट्रेन रात 11 बजकर 5 मिनट पर कटेहरी स्टेशन पहुंचेगी और एक मिनट बाद वाराणसी की ओर रवाना होगी।

यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक समय सारिणी में ट्रेन के समय और परिचालन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।

यात्रियों को दूसरे स्टेशनों पर जाने से मिलेगी राहत

कटेहरी में यात्री ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए अकबरपुर या गोसाईगंज जैसे स्टेशनों तक जाना पड़ता था।

इन रेलवे स्टेशनों की दूरी क्षेत्र के कई गांवों से लगभग 20 किलोमीटर तक पड़ती है।

इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय और किराया खर्च करना पड़ता था। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को अधिक परेशानी होती थी।

अब कटेहरी में ट्रेन रुकने से आसपास के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रेलवे सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

विद्यार्थियों और कर्मचारियों को होगा फायदा

कटेहरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग भी नियमित रूप से यात्रा करते हैं।

रेल सेवा बंद होने से इन यात्रियों को बसों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।

ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से यात्रियों को अपेक्षाकृत सस्ता और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। हालांकि, अभी सीमित विशेष ट्रेनों का ठहराव मिलने से सभी यात्रियों की जरूरतें पूरी नहीं होंगी।

स्थानीय व्यापारियों में खुशी का माहौल

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कटेहरी बाजार के दुकानदारों का कहना है कि पहले स्टेशन पर ट्रेनों के रुकने से बाजार में चहल-पहल बनी रहती थी।

यात्रियों की आवाजाही बंद होने के बाद कई छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ था।

अब रेल सेवाएं बहाल होने से स्टेशन के आसपास दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को फायदा मिल सकता है।

अयोध्या और वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा

कटेहरी स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव से धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।

इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या और वाराणसी के धार्मिक स्थलों के दर्शन करने जाते हैं।

रेल सेवा उपलब्ध होने से उन्हें दूसरे शहरों के स्टेशनों तक पहुंचने की आवश्यकता कम होगी।

त्योहारों के दौरान यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है।

नियमित ट्रेनों के ठहराव की भी मांग

स्थानीय लोगों ने विशेष ट्रेनों का ठहराव शुरू होने पर खुशी जताई है, लेकिन इसके साथ नियमित पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग भी उठाई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनें चलाने से दैनिक यात्रियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पहले भी रेल प्रशासन के समक्ष इस समस्या को उठाया था।

अब उम्मीद की जा रही है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की संख्या और मांग का आकलन करके नियमित सेवाओं पर भी विचार करेगा।

स्टेशन पर फिर लौटी चहल-पहल

करीब सात साल बाद कटेहरी रेलवे स्टेशन पर यात्री सेवाओं की वापसी से क्षेत्र में उत्साह है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित स्टेशन की सुविधाओं का अब यात्रियों को वास्तविक लाभ मिलने लगेगा।

रेलवे प्रशासन के इस फैसले से आसपास के गांवों के लोगों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर भी रहेगी कि विशेष ट्रेनों के साथ नियमित यात्री ट्रेनों का ठहराव कब बहाल किया जाता है।

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