फिरोजाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को भीषण सड़क हादसे में इटावा के जिला वन अधिकारी यानी DFO विकास नायक और उनके चालक देवांश की मौत हो गई। हादसा फिरोजाबाद जिले के नगला खंगर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 69 पर हुआ। दुर्घटना में कार में सवार 65 वर्षीय केशवती गंभीर रूप से घायल हो गईं। दूसरी गाड़ी में सवार पति-पत्नी को भी चोटें आई हैं। तीनों घायलों का उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में इलाज चल रहा है।

पुलिस के अनुसार मृतक विकास नायक मूल रूप से राजस्थान के नागौर जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में इटावा में जिला वन अधिकारी के पद पर तैनात थे। उनकी उम्र 36 वर्ष थी। मंगलवार को वह अपनी एक्सयूवी-700 कार से लखनऊ से नोएडा की ओर जा रहे थे।

कार को 25 वर्षीय देवांश चला रहा था। वाहन में विकास नायक के साथ 65 वर्षीय केशवती पत्नी जगदीश सिंह भी सवार थीं। यात्रा के दौरान नगला खंगर थाना क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 69 के पास उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई।

हादसा इतना गंभीर था कि विकास नायक और चालक देवांश को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बच सकी। वहीं केशवती गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एक्सप्रेसवे की राहत टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।

केशवती को उपचार के लिए सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय भेजा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। इसी दुर्घटना में दूसरी गाड़ी में सवार एक पति-पत्नी भी घायल हुए हैं। उन्हें भी सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। राहत दल ने सड़क पर खड़े वाहनों को हटाने और यातायात सामान्य कराने का काम शुरू किया।

पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनके परिजनों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी हादसे की सूचना दी गई। DFO विकास नायक की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।

पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई और दोनों वाहनों के बीच टक्कर कैसे हुई। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और वाहनों की स्थिति के आधार पर दुर्घटना की वजह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।

एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि घटनास्थल या आसपास की फुटेज उपलब्ध होती है तो पुलिस उससे दुर्घटना के पहले की स्थिति और वाहनों की गति के बारे में जानकारी जुटा सकती है।

दूसरी गाड़ी में सवार घायल पति-पत्नी के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण होंगे। उनके स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद पुलिस उनसे हादसे के बारे में जानकारी ले सकती है। इससे दोनों गाड़ियों की दिशा और दुर्घटना के वास्तविक क्रम को समझने में मदद मिल सकती है।

विकास नायक भारतीय वन सेवा से जुड़े अधिकारी थे और इटावा जिले में वन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी अचानक मौत से विभागीय कर्मचारियों और परिचितों में शोक का माहौल है। इतनी कम उम्र में एक वरिष्ठ अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

चालक देवांश की उम्र भी केवल 25 वर्ष थी। वह वाहन चला रहा था और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसकी भी मौत हो गई। दोनों की मौत की पुष्टि के बाद पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेज दिया।

घायल केशवती की हालत को देखते हुए डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। दूसरी कार में सवार दंपती का भी उपचार जारी है। फिलहाल तीनों घायलों की चिकित्सा स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज गति से वाहन चलते हैं। ऐसे में थोड़ी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में दुर्घटना की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस यह भी देख रही है कि दुर्घटना के समय मौसम और सड़क की स्थिति कैसी थी। इसके अलावा दोनों वाहनों की तकनीकी स्थिति और चालक की गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

हादसे के बाद स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त वाहनों से संबंधित जानकारी दर्ज की। वाहनों को सड़क से हटवाने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य कराया गया।

वन विभाग के अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलने के बाद सक्रिय हुए। विकास नायक की सेवा से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ उनके परिवार से संपर्क किया गया। उनके पार्थिव शरीर को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।

सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान गति नियंत्रण, सुरक्षित दूरी और वाहन की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।

फिलहाल नगला खंगर पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। DFO विकास नायक और चालक देवांश की मौत के साथ यह हादसा बेहद दर्दनाक बन गया है। केशवती और दूसरी गाड़ी में सवार घायल दंपती का सैफई में उपचार जारी है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किलोमीटर संख्या 69 पर हुए इस हादसे की असली वजह क्या थी। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों, घायलों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

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