औवरइया। गांव में शौचालय की टंकी की खुदाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। पास में बनी ईंट की दीवार अचानक भरभराकर मजदूरों के ऊपर गिर गई। हादसे में दो मजदूर मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन गंभीर चोटों के कारण 34 वर्षीय विमल कुमार की मौत हो गई। वहीं, दूसरे मजदूर प्यारे राम की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और मृतक के परिवार में शोक छा गया।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा जिले के रामपुर चौकी क्षेत्र के औवरइया गांव में हुआ। गांव निवासी प्यारे राम के घर पर शौचालय की टंकी बनाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इस काम में रामधनी का पुत्र विमल कुमार (34) और मकान मालिक प्यारे राम लगे हुए थे। दोनों टंकी की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान पास में बनी ईंट की दीवार अचानक कमजोर होकर भरभराकर उनके ऊपर गिर गई।

अचानक गिर गई ईंट की दीवार

बताया जा रहा है कि मजदूर अपने काम में जुटे हुए थे, तभी उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और दीवार सीधे उनके ऊपर आ गिरी। दीवार गिरने से दोनों मजदूर उसके मलबे में दब गए। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई।

हादसे की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों मजदूरों को मलबे में दबा देखकर लोगों ने उन्हें बाहर निकालने के लिए राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने ईंटों और अन्य मलबे को हटाने के लिए कड़ी मशक्कत की। काफी प्रयासों के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला जा सका।

विमल कुमार की मौत, प्यारे राम गंभीर घायल

हादसे में विमल कुमार को गंभीर चोटें आई थीं। वहीं प्यारे राम भी दीवार के मलबे में दबने के कारण बुरी तरह घायल हो गए। दोनों को बाहर निकालने के बाद उपचार के लिए भेजा गया। हालांकि, विमल कुमार की जान नहीं बचाई जा सकी। 34 वर्षीय विमल की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।

दूसरी ओर घायल प्यारे राम की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनका उपचार जारी है। हालांकि, उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण और खुदाई के काम में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को सामने ला दिया है। शौचालय या सेप्टिक टैंक की खुदाई के दौरान आसपास की दीवारों और जमीन की मजबूती का ध्यान रखना जरूरी होता है। यदि खुदाई के पास पहले से बनी दीवार कमजोर हो या उसकी नींव प्रभावित हो जाए, तो उसके गिरने का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी गहरी खुदाई से पहले आसपास की संरचनाओं की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर दीवारों को सहारा देने के लिए उचित तकनीकी इंतजाम किए जाने चाहिए। मजदूरों को भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां उपलब्ध कराना जरूरी है।

हालांकि, औवरइया गांव में दीवार किस वजह से गिरी और क्या खुदाई के दौरान उसकी नींव प्रभावित हुई थी, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

परिवार में पसरा मातम

विमल कुमार की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दीवार गिरने की घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने का अवसर नहीं मिला।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगे हादसे के कारण

घटना के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और दीवार किन परिस्थितियों में गिरी। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे संरचनात्मक कमजोरी, खुदाई के कारण मिट्टी खिसकने या किसी अन्य वजह की भूमिका थी।

फिलहाल हादसे में विमल कुमार की मौत हो चुकी है, जबकि प्यारे राम गंभीर रूप से घायल हैं। एक सामान्य निर्माण कार्य के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं और गांव को शोक में डुबो दिया।

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