50 बीघे में दिखेगी अयोध्या की झलक 7000 बांस से तैयार होगा मंदिर
ग्रेटर नोएडा की रामलीला होगी भव्य अयोध्या जैसा बनेगा विशाल मंदिर
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में इस बार रामलीला का आयोजन बेहद भव्य स्वरूप में करने की तैयारी चल रही है। करीब 50 बीघे के विशाल मैदान में होने वाली रामलीला को क्षेत्र की सबसे बड़ी रामलीला के रूप में तैयार किया जा रहा है। आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा भव्य मंदिरनुमा ढांचा होगा। इसे बनाने में करीब 7000 बांस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रामलीला मैदान में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। विशाल मंच से लेकर दर्शकों के बैठने, प्रवेश और निकास तक की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजकों का प्रयास है कि रामलीला देखने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल का अनूठा अनुभव मिले। अयोध्या के राम मंदिर जैसा स्वरूप देने के लिए कारीगरों की टीम बांस से विशाल संरचना तैयार कर रही है। करीब 7000 बांस से बनने वाला यह ढांचा दूर से ही दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगा। सजावट और रोशनी के जरिए इसे और भव्य रूप देने की तैयारी है।
रामलीला में भगवान राम के जन्म से लेकर वनवास, सीता हरण, हनुमान की लंका यात्रा, राम-रावण युद्ध और भगवान राम के अयोध्या लौटने तक के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, लाइट और साउंड के इस्तेमाल से पौराणिक प्रसंगों को दर्शकों के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारी है।
करीब 50 बीघे में फैले आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के रास्तों को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है।
आयोजकों का उद्देश्य रामलीला को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए भारतीय संस्कृति और भगवान राम के जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराना भी है। परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए पूरे परिसर को धार्मिक मेले जैसा स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। विशाल परिसर, हजारों बांस से तैयार हो रहा मंदिर और भव्य मंच इस बार ग्रेटर नोएडा की रामलीला को खास बनाने वाले हैं। आयोजन शुरू होने से पहले ही इसकी तैयारियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं।