कुंदरकी : बिलारी में घरों के ऊपर से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन हटाने की मांग को लेकर सोमवार को लोगों ने एसडीओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। दो दिन पहले लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत के बाद क्षेत्रवासियों का आक्रोश बढ़ गया। वार्ड नंबर चार के लोगों ने कार्यालय के बाहर बैठकर नारेबाजी की और लाइन हटाने का काम शुरू कराने की मांग उठाई। करीब 80 परिवार इस लाइन के हटने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन हटाने का प्रस्ताव वर्ष 2023 में पास हुआ था। इसके बाद एस्टीमेट भी तैयार किया गया, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि लाइन हटाने से संबंधित प्रक्रिया फाइलों में उलझी हुई है। प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार होने के बावजूद मौके पर काम नहीं होने से उनकी परेशानी बनी हुई है। सोमवार के धरने में इसी लंबित काम को लेकर नाराजगी जताई गई।
वार्ड नंबर चार के क्षेत्रवासियों ने बताया कि घरों के ऊपर से गुजरती लाइन के कारण वे लगातार हादसे की आशंका के बीच रह रहे हैं। उनके मुताबिक, लाइन हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उन्हें काम शुरू होने की उम्मीद थी। हालांकि, इंतजार के बावजूद स्थिति नहीं बदली। दो दिन पहले हुई युवक की मौत ने उनकी चिंता और बढ़ा दी। इसके बाद लोगों ने एसडीओ कार्यालय पहुंचकर सामूहिक रूप से विरोध जताया और अपनी मांग सामने रखी।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर बैठ गए और नारेबाजी करते रहे। उनका मुख्य आग्रह था कि तैयार प्रस्ताव और एस्टीमेट के आधार पर लाइन हटाने का काम कराया जाए। लोगों ने कहा कि केवल फाइलों में प्रक्रिया चलने से घरों के ऊपर मौजूद खतरा दूर नहीं हो रहा है। प्रदर्शन का केंद्र लाइन हटाने में हो रही देरी रहा। उपलब्ध विवरण में धरने की अवधि या प्रदर्शन में शामिल लोगों की निश्चित संख्या नहीं बताई गई है।
सभासद के पति मोहम्मद राशिद ने भी हाईटेंशन लाइन से जुड़े खतरे का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि घरों के ऊपर से गुजर रही लाइन के कारण हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। राशिद के मुताबिक, इस लाइन की चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। यह संख्या उनके बयान के आधार पर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी में पहले की घटनाओं की तारीख, मृतकों की पहचान या उनका अलग विवरण शामिल नहीं है।
दो दिन पहले युवक की मौत इस विरोध की तत्काल पृष्ठभूमि बनी। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने लाइन हटाने की मांग को लेकर सोमवार को धरना दिया। हालांकि, युवक की पहचान और हादसा किस परिस्थिति में हुआ, इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है। सामने आई जानकारी में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उसकी मौत होने की बात कही गई है। इसलिए घटना के तरीके या किसी विशेष गतिविधि से उसे जोड़कर अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।
करीब 80 परिवारों के लिए यह मांग उनके घरों के ऊपर से गुजर रही लाइन से संबंधित है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, लाइन हटने का इंतजार लंबे समय से चल रहा है। वर्ष 2023 में प्रस्ताव पास होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि एस्टीमेट तैयार होने के बाद भी काम क्यों शुरू नहीं हुआ। प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने लंबित प्रक्रिया की ओर ध्यान दिलाया। उनकी शिकायत का मुख्य विषय मंजूरी के बाद काम का मौके पर नहीं पहुंचना है।
प्रस्ताव पास होने, एस्टीमेट तैयार होने और वास्तविक काम शुरू होने के बीच का अंतर इस मामले में महत्वपूर्ण है। क्षेत्रवासियों का दावा है कि पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं, लेकिन लाइन हटाने का काम बाकी है। हालांकि, एस्टीमेट की राशि या उसकी मौजूदा प्रशासनिक स्थिति का विवरण नहीं दिया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रक्रिया किस स्तर पर लंबित है। इसलिए किसी विशेष अधिकारी या शाखा को देरी के लिए जिम्मेदार बताने का आधार उपलब्ध नहीं है।
सोमवार के धरने पर एसडीओ कार्यालय या संबंधित विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आए विवरण में शामिल नहीं है। काम शुरू करने की तारीख, आगे की कार्रवाई या किसी आश्वासन का भी उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि प्रदर्शन के बाद लाइन हटाने का निर्णय तत्काल लागू हो गया है। लोगों ने अपनी मांग रखी है, जबकि विभाग की ओर से आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। किसी अंतिम समाधान की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वार्ड नंबर चार के लोगों का विरोध घरों के ऊपर मौजूद हाईटेंशन लाइन और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर है। मोहम्मद राशिद ने तीन मौतों का दावा किया है, जबकि हाल में युवक की मौत के बाद लोगों की नाराजगी धरने के रूप में सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार होने के बावजूद काम लंबित है। अब संबंधित प्रक्रिया की स्थिति और काम शुरू करने का कार्यक्रम सामने आने से स्पष्ट होगा कि करीब 80 परिवारों की लाइन हटाने की मांग पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।