1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सरकार ने जारी किए 460.23 करोड़ रुपये
लखनऊ। प्रदेश के 1,27,841 शिक्षामित्रों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत कार्यरत शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्टूबर महीने के मानदेय के भुगतान के लिए 460.23 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। बढ़े हुए मानदेय का लाभ प्रदेश के करीब 1.28 लाख शिक्षामित्रों को सीधे मिलेगा।
सरकार ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत सितंबर और अक्टूबर, दोनों महीनों के लिए अलग-अलग 230.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर दोनों महीनों के मानदेय भुगतान के लिए 460.23 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
धनराशि का जनपदवार आवंटन भी कर दिया गया है। संबंधित जिलों को निर्देश दिया गया है कि उन्हें आवंटित राशि के अनुसार शिक्षामित्रों के मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इससे लंबे समय से बढ़े हुए मानदेय का इंतजार कर रहे शिक्षामित्रों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षामित्रों के मानदेय में 8 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। पहले उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से शिक्षामित्रों की मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षामित्र लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों में शिक्षामित्रों की भागीदारी रहती है। ऐसे में मानदेय बढ़ाने के फैसले को उनके लिए आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समग्र शिक्षा के तहत जारी राशि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सितंबर और अक्टूबर का मानदेय बढ़ी हुई दर के अनुसार दिया जा सके। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया में देरी न करने के निर्देश दिए हैं।
जनपदवार आवंटन किए जाने से अब जिलों के स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। संबंधित शिक्षा अधिकारियों को यह देखना होगा कि पात्र शिक्षामित्रों को सही राशि और तय समय के भीतर मानदेय मिल जाए।
प्रदेश में कुल 1,27,841 शिक्षामित्र इस फैसले के दायरे में आएंगे। इतनी बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षामित्रों के लिए मानदेय बढ़ोतरी का असर सीधे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा।
10 हजार से 18 हजार रुपये प्रतिमाह तक की वृद्धि यानी 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी मानी जा सकती है। इससे शिक्षामित्रों को घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
मानदेय बढ़ोतरी की मांग लंबे समय से उठती रही थी। शिक्षामित्र अपनी जिम्मेदारियों और बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए भुगतान बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब नई राशि जारी होने के बाद इस निर्णय को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकार की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भुगतान आवंटित बजट के अनुसार ही किया जाए। इससे जिलों में बजट की कमी के कारण होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों के लिए 230.11-230.11 करोड़ रुपये के प्रावधान से यह स्पष्ट है कि सरकार ने बढ़े हुए मानदेय को लागू करने के लिए वित्तीय व्यवस्था कर दी है। अब अंतिम जिम्मेदारी जिला स्तर पर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की होगी।
शिक्षामित्रों का कहना रहा है कि वे लंबे समय से नियमित शिक्षण व्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, लेकिन मानदेय अपेक्षाकृत कम होने के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में 18 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
इस फैसले से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। बेहतर मानदेय मिलने से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ सकता है और वे अधिक स्थिरता के साथ शैक्षणिक कार्यों में योगदान दे सकेंगे।
अब जिलों में भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शिक्षामित्रों को बढ़ी हुई राशि उनके खातों में मिलने का इंतजार है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
सरकार की इस घोषणा के बाद शिक्षामित्रों में सकारात्मक माहौल है। करीब 1.28 लाख परिवारों को इस बढ़ोतरी से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
फिलहाल सितंबर और अक्टूबर के मानदेय के लिए राशि जारी की गई है। आगे आने वाले महीनों में भी बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान जारी रखने के लिए वित्तीय प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर 460.23 करोड़ रुपये की राशि जारी होने और मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किए जाने से प्रदेश के शिक्षामित्रों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जिलों में भुगतान कितनी जल्दी शुरू होता है।