60 लाख कैश मामले के बाद त्रिपुरा के DFO हटाए गए, आरोपी 4 दिन की पुलिस रिमांड पर
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा में एक वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ वन अधिकारी को उनके पद से हटा दिया है। 24 अप्रैल को त्रिपुरा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के अधिकारी Gaurav Ravindra Wagh को साउथ त्रिपुरा के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) पद से हटा दिया।
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें एक व्यक्ति को अगरतला रेलवे स्टेशन पर करीब 60 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस और जांच एजेंसियों को शक है कि इस मामले का संबंध वन विभाग के अधिकारी से हो सकता है, जिसके चलते प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए उन्हें पद से हटा दिया।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी व्यक्ति को रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। उसके पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई, जिसके स्रोत के बारे में वह संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आए शुरुआती तथ्यों के आधार पर आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।
इस मामले में Tripura Forest Department की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है, क्योंकि गिरफ्तार व्यक्ति के कथित तौर पर DFO से संबंध बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और संबंधित अधिकारी को उनके पद से हटा दिया, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या संलिप्तता पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद राज्य में सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास बना रहे।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर और भी तथ्य सामने आने की संभावना है।