त्रिपुरा: मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दिवाली पर माताबारी में मेला शुरू होने की जानकारी दी, कहा लाखों लोग आएंगे
Tripura त्रिपुरा। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दिवाली के शुभ अवसर पर माताबारी में आयोजित मेला और पूजा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह एक प्राचीन मंदिर है और इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत बड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री 22 सितंबर को इस मंदिर का दौरा कर चुके हैं, जिसके बाद यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने बयान में कहा, “दिवाली के शुभ अवसर पर त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में काली पूजा मनाई जाती है। इसलिए हम सभी श्रद्धालु और प्रशासनिक अधिकारी इस स्थल पर उपस्थित हैं। मेला तीन दिनों तक चलेगा और मुझे विश्वास है कि लाखों लोग इस आयोजन में शामिल होंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास में भी सहायक होते हैं।
माताबारी में आयोजित यह मेला दिवाली और काली पूजा को समर्पित है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदिर और परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और पारंपरिक दीयों से सजाया गया है, जिससे धार्मिक वातावरण और उत्सव की भव्यता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में त्रिपुरा की प्रतिष्ठा भी बढ़ा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष कदम उठाए हैं। प्रमुख मार्गों, पार्किंग और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सहज रूप से मेला और पूजा में भाग ले सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मेला और पूजा के दौरान लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दीप जलाएंगे और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। बच्चों और युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं, ताकि वे अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवित रख सकें। माताबारी मेला राज्यवासियों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और आस-पास के राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं के ठहरने और सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इसके अलावा, पर्यटन विभाग ने जानकारी केंद्र स्थापित किए हैं ताकि आगंतुक आसानी से सभी कार्यक्रमों और पूजा स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य में भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाते हैं। दिवाली और काली पूजा का यह मेल समारोह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना करेंगे, बल्कि स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लेंगे। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि लाखों लोग इस आयोजन में शामिल होकर त्रिपुरा के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को समझेंगे और आनंद लेंगे। इस प्रकार, माताबारी में मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व में आयोजित दिवाली और काली पूजा मेला त्रिपुरा में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और प्रशासनिक तैयारी ने इस आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।