त्रिपुरा: अगरतला के मुक्तधारा ऑडिटोरियम में सूचना और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ता ने उपाध्याय के जीवन और दर्शन, खासकर 'एकात्म मानववाद' पर आधारित समावेशी समाज के उनके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
वक्ता ने उपाध्याय के 'अंत्योदय' के विचार पर भी जोर दिया, जो समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े लोगों के विकास और कल्याण को प्राथमिकता देता है।
यह बताया गया कि दिवंगत नेता के आदर्श और दर्शन समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं।