अनुराग मौत केस में बड़ा अपडेट, जांच टीम का हुआ विस्तार; विशेषज्ञ अधिकारी शामिल

Update: 2026-07-27 11:12 GMT

अगरतला  :    त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग की रहस्यमयी मौत की जांच अब तेज कर दी गई है। इस हाईप्रोफाइल मामले की गहन जांच के लिए गठित टीम का विस्तार किया गया है। पहले तीन सदस्यों वाली जांच टीम में अब सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई है। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अनुराग का शव 20 जुलाई को राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित उनके सरकारी चैंबर से जुड़े वॉशरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक ने 24 जुलाई को डीजीपी अनुराग की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया था। इस टीम की जिम्मेदारी पश्चिम त्रिपुरा जिले के पुलिस अधीक्षक नमित पाठक को सौंपी गई थी। अब जांच को व्यापक बनाने के उद्देश्य से टीम में सात और अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसके बाद टीम के सदस्यों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।

जांच टीम अब डीजीपी अनुराग की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच को निष्पक्ष और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है।

डीजीपी जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मामले में किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम द्वारा घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा उन परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है, जिनके बीच डीजीपी अनुराग की मौत हुई।

अनुराग त्रिपुरा पुलिस में लंबे समय से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे। आईपीएस अधिकारी के रूप में उनका लंबा कार्यकाल रहा और वे पुलिस प्रशासन में अनुभवी अधिकारियों में शामिल थे। उनकी मौत के बाद पुलिस विभाग और अधिकारियों में शोक का माहौल है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है। जांच टीम में विशेषज्ञ अधिकारियों को शामिल किए जाने से उम्मीद है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जल्द सामने लाया जा सकेगा। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना के कारणों का पता लगाना और हर संभावित पहलू की जांच करना है।

डीजीपी अनुराग की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और अब विस्तारित जांच टीम की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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