त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा, “लक्ष्मी पूजा के बाद दिवाली का है इंतजार”

Update: 2025-10-19 17:33 GMT
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा में त्योहारों का मौसम अपनी पूरी रौनक के साथ शुरू हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि त्रिपुरा में सभी लोग मिलकर दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के बाद दिवाली का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने यह बात राज्यभर के पंडालों का दौरा करते हुए कही। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने विभिन्न पंडालों का उद्घाटन किया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के लोग सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों को बड़े उत्साह और सामूहिक भावना के साथ मनाते हैं। दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के बाद दिवाली का त्योहार राज्य के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह अंधकार पर प्रकाश की विजय और खुशहाली का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस बार त्योहारों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस बल की तारीफ की, जिन्होंने बाजारों और सार्वजनिक स्थलों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे दिवाली के अवसर पर पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और सुरक्षित तरीके से पटाखों और रोशनी का उपयोग करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में सांस्कृतिक धरोहर और सामुदायिक उत्सवों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि ये समाज में एकजुटता, भाईचारा और सामाजिक समरसता का संदेश भी फैलाते हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों और पंडाल आयोजकों की मेहनत की सराहना की और कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी से राज्य में त्योहारों का माहौल और भी जीवंत हो जाता है।
माणिक साहा ने यह भी कहा कि लक्ष्मी पूजा और दिवाली के दौरान राज्य सरकार ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं ताकि लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार त्योहार मना सकें। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि त्योहारों का आनंद सभी नागरिक सुरक्षित और आनंदपूर्ण ढंग से उठा सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्रिपुरा में हर साल दिवाली को बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में बाजार सजाए जाते हैं और लोग पारंपरिक मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी करते हैं। पंडालों में धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जो राज्य के त्योहारों को और भी रंगीन और आकर्षक बनाते हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा का यह दौरा राज्य में दिवाली के उत्सव को लेकर सकारात्मक संदेश देने के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाएं और इसे एक यादगार और खुशहाल अवसर बनाएं।
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