कांग्रेस का आरोप अगरतला तक सिमटा विकास धर्मनगर और कैलाशहर की अनदेखी
अगरतला केंद्रित विकास पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अगरतला: त्रिपुरा में विकास कार्यों के क्षेत्रीय वितरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़े शहरी विकास कार्यों को मुख्य रूप से अगरतला तक केंद्रित रखने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि धर्मनगर और कैलाशहर जैसे महत्वपूर्ण जिला शहरों में उसी स्तर का बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस ने सरकार से विभिन्न परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि, खर्च, मौजूदा प्रगति और पूरा होने की समयसीमा सार्वजनिक करने की मांग की है।
धर्मनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस
22 सितंबर को धर्मनगर जिला कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने स्थानीय विकास परियोजनाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नागरिकों को घोषणाओं के बजाय जमीन पर पूरी और चालू हो चुकी परियोजनाओं के आधार पर विकास का आकलन करने का अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने साफ किया कि वह मौजूदा या पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं कर रही है। उसकी मांग है कि अधूरी परियोजनाओं को स्पष्ट समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और उनकी स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
पेयजल से लेकर सड़कों तक उठाए सवाल
कांग्रेस ने धर्मनगर में पेयजल व्यवस्था, प्रस्तावित मार्केट बिल्डिंग, सड़कों की मरम्मत, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक मैनेजमेंट और नगरपालिका सेवाओं से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति पर जानकारी मांगी है। पार्टी ने पूछा है कि प्रत्येक परियोजना के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना पैसा खर्च किया जा चुका है और काम कब तक पूरा होगा। पेयजल परियोजना को लेकर कांग्रेस ने निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के चालू होने की समयसीमा और उससे नियमित पाइप जलापूर्ति पाने वाले परिवारों की संभावित संख्या बताने की मांग की। प्रस्तावित बाजार भवन को लेकर निर्माण लागत, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा और मौजूदा व्यापारियों के पुनर्वास से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं।
कैलाशहर को लेकर भी उठाया मुद्दा
कांग्रेस का व्यापक आरोप है कि 2018 में भाजपा सरकार बनने के बाद बड़े और दिखाई देने वाले शहरी विकास कार्यों का बड़ा हिस्सा अगरतला के आसपास केंद्रित रहा, जबकि धर्मनगर और कैलाशहर को तुलनीय स्तर पर ध्यान नहीं मिला। यह कांग्रेस का राजनीतिक दावा है; उपलब्ध सरकारी टेंडर रिकॉर्ड यह भी दिखाते हैं कि धर्मनगर और कैलाशहर क्षेत्रों में सड़क, ड्रेनेज, अस्पताल और अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित परियोजनाएं चल रही हैं या टेंडर किए गए हैं।
अगरतला के नए प्रोजेक्ट भी चर्चा में
यह बहस ऐसे समय तेज हुई है जब मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने अगरतला में हाओरा रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और एयरपोर्ट रोड का उद्घाटन किया है। सरकार इन परियोजनाओं को राजधानी में आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार के रूप में पेश कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस ने इन परियोजनाओं के कुछ हिस्सों के पूरी तरह तैयार होने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि धर्मनगर और कैलाशहर सहित जिला मुख्यालयों के लिए सड़क, पेयजल, ड्रेनेज, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार, सार्वजनिक स्थानों और ट्रैफिक व्यवस्था को शामिल करते हुए दीर्घकालिक विकास योजना बनाई जाए और परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी सार्वजनिक की जाए।