त्रिपुरा में सरेंडर करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास पर CM माणिक साहा का बड़ा बयान
उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि राज्य सरकार हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे उग्रवादियों के पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि सरकार सरेंडर करने वाले कैडरों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य पूर्व उग्रवादियों और उनके परिवारों को बेहतर जीवन देने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से जोड़ना है। पुनर्वास प्रक्रिया को संबंधित विभागों के साथ मिलकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
2024 के शांति समझौते के तहत चल रही प्रक्रिया
त्रिपुरा सरकार, केंद्र सरकार और उग्रवादी संगठन NLFT तथा ATTF के प्रतिनिधियों के बीच 4 सितंबर 2024 को समझौता हुआ था। इसके तहत सरेंडर करने वाले कैडरों के पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं बनाई गईं। सरकार के अनुसार, पात्र पूर्व उग्रवादियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मासिक सहायता राशि जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
पुनर्वास में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा
विधानसभा में चर्चा के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि कुछ पुनर्वास योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीन और नियमों से जुड़ी अड़चनें सामने आ रही हैं। सरकार ने कहा कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र के साथ समन्वय किया जा रहा है।
शांति और विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लौटे लोगों को स्थायी रोजगार, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।