अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को उत्तरी त्रिपुरा जिले में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने धर्मनगर में नवनिर्मित जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर कार्यालय का उद्घाटन करने के साथ ही 176 करोड़ रुपये की लागत वाली 50 विकास परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में बुनियादी सुविधाओं, प्रशासनिक सेवाओं और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का फायदा राज्य के सभी क्षेत्रों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
धर्मनगर में नए जिला कार्यालय का उद्घाटन
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर में नए जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस भवन के निर्माण पर लगभग 22.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। चार मंजिला भवन में 49 कार्यालय कक्षों के अलावा कॉन्फ्रेंस हॉल, बैठक कक्ष और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।नए कार्यालय से प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान दे रही है।
टाटा ट्रस्ट से जुड़ी संस्था के साथ समझौता
कार्यक्रम के दौरान उत्तरी त्रिपुरा जिला प्रशासन और टाटा ट्रस्ट से संबद्ध सेंटर फॉर माइक्रोफाइनेंस एंड लाइवलीहुड (CML) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।यह गैर-वित्तीय समझौता ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा और आजीविका से संबंधित कार्यों में सहयोग के लिए किया गया है।समझौते पर जिला मजिस्ट्रेट चांदनी चंद्रन और CML के कार्यकारी निदेशक माधवानंद रे ने हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, जल संरक्षण और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने से जुड़े कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण विकास और स्वच्छता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करने के लिए स्वच्छता वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों का उपयोग अलग-अलग ब्लॉकों में सफाई व्यवस्था से संबंधित कार्यों के लिए किया जाएगा।विकास कार्यक्रमों में ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आवश्यक सेवाओं और आजीविका से संबंधित परियोजनाएं भी शामिल रहीं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करना है।
शिक्षा और आंगनवाड़ी सुविधाओं पर भी ध्यान
कार्यक्रम से जुड़े विकास कार्यों में आंगनवाड़ी केंद्रों और सामाजिक कल्याण से संबंधित परियोजनाओं को भी महत्व दिया गया। इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यालयों को सम्मानित किया गया।'हर हाथ हुनर' कार्यक्रम के तहत बरुआकांडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को पहला, बरगोल हाई स्कूल को दूसरा और खुदराकांडी हाई स्कूल को तीसरा स्थान मिला।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, बुनियादी सेवाओं और ग्रामीण विकास के कार्य राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर बोले मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा सरकार इसी दिशा में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरी त्रिपुरा के लोगों को भी राज्य के अन्य क्षेत्रों की तरह विकास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं को आम जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया।इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में भी विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देती रहेगी।