TELANGANA तेलंगाना: मंछेरियल जिले में यूरिया की किल्लत के चलते किसानों की लंबी कतारें आम नजारा बन गई हैं। लेकिन इस संकट के बीच कृषि अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यूरिया की तस्करी महाराष्ट्र की ओर बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, हाल ही में नेन्नाल केंद्र से 48 टन यूरिया पड़ोसी महाराष्ट्र भेजा गया। आरोप है कि केंद्र के आयोजकों ने यह स्टॉक काले बाजार में बेच दिया। इससे स्थानीय किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पहले जुलाई में, हैदराबाद एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसायटी (HACA) के एक प्रोप्राइटर को 150 बोरी सब्सिडी वाले यूरिया को महाराष्ट्र में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित यूरिया उनके हिस्से तक नहीं पहुंच रहा और उन्हें काला बाज़ार से 450-550 रुपये प्रति बोरी तक खरीदना पड़ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से संकट और गहराता जा रहा है।