हैदराबाद। तेलंगाना में कालेश्वरम सिंचाई परियोजना को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शनिवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने कालेश्वरम परियोजना के कन्नपल्ली (लक्ष्मी) पंप हाउस और मेदिगड्डा बैराज का निरीक्षण किया। इस दौरान नेताओं ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर उपलब्ध जल संसाधनों का सही तरीके से उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि गोदावरी नदी का भारी मात्रा में पानी बिना इस्तेमाल के समुद्र में बह रहा है, जबकि हैदराबाद में पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।दूसरी ओर, तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने BRS के आरोपों पर पलटवार करते हुए पिछली सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कालेश्वरम परियोजना से जुड़े बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति के लिए पूर्ववर्ती BRS सरकार के कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।
कन्नपल्ली पंप हाउस और मेदिगड्डा बैराज का निरीक्षण
शनिवार को BRS के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल कालेश्वरम परियोजना के प्रमुख हिस्सों का निरीक्षण करने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कन्नपल्ली स्थित लक्ष्मी पंप हाउस और मेदिगड्डा बैराज की स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान नेताओं ने गोदावरी नदी में उपलब्ध पानी और उसके उपयोग को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि नदी में पर्याप्त पानी होने के बावजूद सरकार उसे पंपिंग प्रणाली के माध्यम से उपयोग में नहीं ला रही है।BRS नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की निष्क्रियता के कारण हैदराबाद जैसे बड़े शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर समस्याएं बढ़ सकती हैं।
गोदावरी का पानी समुद्र में बहने का आरोप
BRS प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि गोदावरी नदी का बड़ी मात्रा में पानी आगे बहकर समुद्र में मिल रहा है। यदि कन्नपल्ली पंप हाउस को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, तो इस पानी का उपयोग विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।नेताओं ने कहा कि हैदराबाद में बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना आवश्यक हैउनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने समय रहते पंपिंग व्यवस्था शुरू नहीं की, जिससे संभावित पेयजल संकट को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।हालांकि, शहर में पानी की वास्तविक कमी और पंप हाउस के संचालन से जुड़ी तकनीकी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी का पलटवार
BRS नेताओं के आरोपों के बीच तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने पिछली BRS सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के प्रमुख सिंचाई बुनियादी ढांचे की मौजूदा खराब स्थिति के लिए पूर्ववर्ती सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।मंत्री ने कहा कि पिछली BRS सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, अक्षमता और कुप्रबंधन के कारण महत्वपूर्ण सिंचाई ढांचे को नुकसान पहुंचा।उनके बयान के बाद कालेश्वरम परियोजना को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
कालेश्वरम परियोजना फिर चर्चा में
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना तेलंगाना की प्रमुख जल परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य गोदावरी नदी के पानी को पंपिंग प्रणाली के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाना है।इस परियोजना में कई पंप हाउस, बैराज और जल परिवहन से जुड़ी संरचनाएं शामिल हैं। कन्नपल्ली पंप हाउस और मेदिगड्डा बैराज इसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं।परियोजना के संचालन और बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर राज्य में लंबे समय से राजनीतिक बहस होती रही है। BRS इसे महत्वपूर्ण जल परियोजना के रूप में प्रस्तुत करती रही है, जबकि कांग्रेस इसके निर्माण और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाती रही है।
पेयजल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता
हैदराबाद में पेयजल की उपलब्धता इस विवाद का प्रमुख मुद्दा बन गई है। BRS नेताओं का कहना है कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।वहीं, कांग्रेस सरकार की ओर से सिंचाई मंत्री ने परियोजना की मौजूदा स्थिति के लिए पिछली सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है।फिलहाल दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच कालेश्वरम परियोजना का संचालन और हैदराबाद की पेयजल जरूरतें चर्चा के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम इस विवाद की आगे की दिशा तय करेंगे।
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