हैदराबाद: तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच बारिश की कमी और राज्य के जल संसाधनों, कृषि तथा बिजली आपूर्ति पर 'अल नीनो' (El Niño) के संभावित असर को लेकर जागरूकता फैलाएं। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और तेलंगाना की जनता को लिखे एक खुले पत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि जलाशयों में पानी का घटता स्तर, गिरता भूजल स्तर और बिजली की बढ़ती मांग आने वाले महीनों में गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।

गौड़ द्वारा बताए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के जलाशयों में अभी 209 TMC पानी है, जबकि यहां 460 TMC पानी होना चाहिए था। उन्होंने आगाह किया कि कम बारिश होने से गांवों के तालाबों, भूजल रिचार्ज, कृषि कार्यों और किसानों की आय पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद और अन्य शहरी क्षेत्रों में भी पीने के पानी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।

गौड़ ने किसानों से आग्रह किया कि वे आने वाले 'यासांगी' (रबी) सीजन में पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर ही फसलें चुनें और ऐसी फसलों पर विचार करें जिनमें कम पानी की जरूरत होती है। उन्होंने पानी बचाने वाली खेती के तरीकों, मौसम के अनुकूल खेती, सही बीजों के चयन, फसल बीमा और सरकारी सहायता के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

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उन्होंने समझाया कि बारिश की कमी से एक के बाद एक कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। भूजल स्तर गिरने से लोग बोरवेल पर ज्यादा निर्भर हो जाएंगे, जिससे बिजली की खपत और खेती की लागत बढ़ेगी, जबकि किसानों की आय कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में बिजली की अधिकतम मांग (पीक डिमांड) 20,000 MW को पार कर गई है।

TPCC प्रमुख ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों, निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों और जमीनी स्तर के नेताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता का आकलन करें, उन गांवों की पहचान करें जहां पीने के पानी की किल्लत हो सकती है, किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों की समीक्षा करें और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए कृषि अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें।

उन्होंने गांव-गांव में जल संरक्षण अभियान चलाने, पीने के पानी की बर्बादी रोकने और पानी की कमी की समस्या सामने आते ही तुरंत सरकार को सूचित करने की भी अपील की।

गौड़ ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से 30,000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता मांग रही है। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से पानी की हर बूंद बचाने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की। ​​साथ ही कहा कि पूरे तेलंगाना में किसानों की सुरक्षा और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित योजना, जनभागीदारी और सरकार की ओर से समय पर कार्रवाई बहुत जरूरी है।

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