हैदराबाद: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक RTI आवेदन को खारिज करते हुए, 'ECINet' सॉफ्टवेयर का नाम और उसका वर्ज़न बताने से इनकार कर दिया है। आयोग ने इसके लिए व्यावसायिक गोपनीयता, व्यापार रहस्यों और बौद्धिक संपदा (intellectual property) से जुड़े प्रावधानों का हवाला दिया है।

करीमनगर के रहने वाले तेलंगाना के एक मतदाता और 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) कार्यकर्ता एम.ए. मुजीब अय्यूब द्वारा दायर RTI आवेदन का जवाब देते हुए, ECI के प्रधान सचिव ए.के. पाठक ने कहा कि मांगी गई जानकारी को सार्वजनिक करने से छूट प्राप्त है।

पाठक ने अपने जवाब में कहा, "मांगी गई जानकारी व्यावसायिक गोपनीयता, व्यापार रहस्यों और बौद्धिक संपदा से जुड़ी है, इसलिए RTI अधिनियम, 2005 की धारा 8 (1) (d) के तहत इसे सार्वजनिक करने से छूट दी गई है।"

आयोग ने स्पष्ट किया कि "SIR प्रक्रिया के लिए कोई नया सॉफ्टवेयर विकसित नहीं किया गया है और न ही कोई नया सॉफ्टवेयर खरीदा गया है।"

मुजीब ने मतदाता सूची के SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान ECI द्वारा इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर, एप्लिकेशन, एल्गोरिदम या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी मांगी थी, ताकि मतदाता रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों, विसंगतियों या कमियों का पता चल सके।

उन्होंने यह भी जानना चाहा था कि क्या सॉफ्टवेयर ने सत्यापन, सुधार या हटाने के लिए किसी मतदाता रिकॉर्ड को चिह्नित (flag) किया था, और ऐसे रिकॉर्ड की पहचान होने के बाद क्या प्रक्रिया अपनाई गई।

आवेदन में यह भी पूछा गया था कि क्या SIR प्रक्रिया के किसी भी चरण में AI, मशीन लर्निंग, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स या स्वचालित निर्णय-सहायता प्रणालियों (automated decision-support systems) का उपयोग किया गया था।

हालांकि, आयोग ने मांगी गई जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसमें 'फॉल्स पॉजिटिव' (गलत पहचान), विसंगतियों की गलत पहचान, या असली मतदाताओं को गलती से चिह्नित किए जाने से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी भी शामिल थी। ECI अधिकारी ने कहा, "मांगी गई जानकारी असल में एक स्पष्टीकरण है, जो RTI अधिनियम, 2005 की धारा 2 (f) के तहत 'सूचना' की परिभाषा में नहीं आती है।"

मुजीब ने यह भी जानना चाहा था कि मतदाता रिकॉर्ड पर कोई कार्रवाई करने से पहले, सॉफ्टवेयर या AI प्लेटफॉर्म द्वारा पहचानी गई विसंगतियों की समीक्षा करने या उन्हें मंजूरी देने के लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है। अपने जवाब में आयोग ने कहा कि मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर मतदाताओं को सूची में शामिल करने या हटाने का निर्णय लेते हैं।

इस जवाब से असंतुष्ट होकर, मुजीब ने कहा कि वह जल्द ही प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (First Appellate Authority), प्रधान सचिव टी.सी. कोम के समक्ष अपील दायर करेंगे। "उन्होंने गलत धाराओं का हवाला दिया है और जानकारी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। यह मतदाताओं को अंधेरे में रखने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। सच सामने लाने की अपनी कोशिश के तहत, मैं अपीलीय प्राधिकरण के पास जाऊंगा," मुजीब ने डेक्कन क्रॉनिकल को बताया।

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