तेलंगाना में गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व 1 से 5 नवंबर तक धूमधाम से मनाया जाएगा

Update: 2025-10-28 18:30 GMT
Telangana तेलंगाना: सिख समुदाय 1 से 5 नवंबर 2025 तक गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व को श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रहा है। सिख धर्म के संस्थापक और मानवता, शांति तथा सद्भाव के प्रतीक गुरु नानक देव जी की जयंती पर राज्यभर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, अफजलगंज और गुरुद्वारा साहिब सिकंदराबाद के प्रबंधक समितियों द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
प्रकाश पर्व का शुभारंभ 1 नवंबर को शाम 4 बजे सिकंदराबाद के गुरुद्वारा साहिब से निकलने वाली नगर कीर्तन यात्रा से होगा। यह यात्रा क्लॉक टावर, पतनी सर्कल, मोंडा मार्केट और अल्फा होटल होते हुए गुजरेगी। श्रद्धालु कीर्तन करते हुए और गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी लेकर नगर भ्रमण करेंगे। दूसरी नगर कीर्तन यात्रा 3 नवंबर को अफजलगंज गुरुद्वारा से निकलेगी, जो सिद्दीअंबर बाजार, जामबाग और गौलीगुड़ा क्षेत्रों से होते हुए गुजरेगी। पूरे मार्ग में सिख श्रद्धालु भक्ति गीतों, नगाड़ों और ‘वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह’ के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सतविंदर सिंह बग्गा और एस बलदेव सिंह बग्गा ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह पर्व गुरु नानक देव जी के सार्वभौमिक संदेश — सत्य, सेवा, समानता और सद्भावना — को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में गुरु नानक जी की शिक्षाएं पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं, क्योंकि वे मानवता को जोड़ने और भेदभाव मिटाने का संदेश देती हैं।
प्रकाश उत्सव का मुख्य आकर्षण 5 नवंबर को आयोजित होने वाला “विशाल दीवान” होगा, जो नामपल्ली एग्जीबिशन ग्राउंड में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 4 बजे तक चलेगा। इस भव्य दीवान में देशभर से आए रागी जत्थे और कथावाचक गुरु नानक देव जी के उपदेशों का प्रचार करेंगे। कार्यक्रम में 25,000 से अधिक सिख श्रद्धालुओं और विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के शामिल होने की संभावना है। लंगर की विशाल व्यवस्था भी की गई है, जहां सभी श्रद्धालु एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण करेंगे — जो गुरु नानक देव जी की समानता की भावना का प्रतीक है।
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि इस पांच दिवसीय पर्व के दौरान रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण अभियान, और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर जैसी सामाजिक गतिविधियां भी की जाएंगी। राज्य के प्रमुख धार्मिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है ताकि गुरु नानक देव जी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। हैदराबाद और सिकंदराबाद में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। संबंधित मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी जल्द जारी की जाएगी। तेलंगाना का यह उत्सव केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों और समुदायों के बीच भाईचारे, सेवा और एकता की भावना का प्रतीक बनेगा।
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