Telangana क्लीन एनर्जी में बनेगा राष्ट्रीय मॉडल, 700 करोड़ के CBG प्रोजेक्ट की नींव
Telangana तेलंगाना: तेलंगाना सरकार ने राज्य को क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सिद्दीपेट में 700 करोड़ रुपये की लागत वाले कम्प्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्रोजेक्ट की नींव रखी गई है। इस परियोजना को राज्य की ऊर्जा और औद्योगिक नीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
सिद्दीपेट में शुरू की गई इस परियोजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन स्रोत विकसित करना है। इस प्रोजेक्ट से बायो-वेस्ट का उपयोग करके स्वच्छ ईंधन तैयार किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ कचरा प्रबंधन की समस्या को भी हल करने में मदद मिलेगी।
राज्य के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने इस अवसर पर कहा कि तेलंगाना का लक्ष्य केवल औद्योगिक विकास नहीं, बल्कि इसे पर्यावरणीय स्थिरता के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि सरकार विकास को केवल राजधानी हैदराबाद तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे पूरे राज्य में संतुलित रूप से फैलाना चाहती है।
तेलंगाना सरकार की रणनीति के तहत औद्योगिक विकास को डीसेंट्रलाइज़ करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि छोटे शहरों और जिलों में भी रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ सकें। इस नीति का उद्देश्य क्षेत्रीय असमानता को कम करना और समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
मंत्री ने कहा कि कम्प्रेस्ड बायो-गैस प्रोजेक्ट से न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कृषि और जैविक कचरे का उपयोग कर ऊर्जा उत्पादन करने से किसानों को भी अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सकता है।
सिद्दीपेट में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर बायो-वेस्ट प्रोसेसिंग पर आधारित होगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। यह पहल ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि आने वाले समय में राज्य में और भी ऐसे प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित होंगे। उन्होंने निवेशकों को भी इस क्षेत्र में आगे आने के लिए आमंत्रित किया।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण और संचालन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
तेलंगाना सरकार का मानना है कि क्लीन एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ने से राज्य न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि CBG जैसे प्रोजेक्ट भविष्य में पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, सिद्दीपेट में 700 करोड़ रुपये के कम्प्रेस्ड बायो-गैस प्रोजेक्ट की शुरुआत तेलंगाना के क्लीन एनर्जी विज़न को मजबूत करती है। डी. श्रीधर बाबू द्वारा घोषित यह पहल राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक सस्टेनेबल और ग्रीन एनर्जी मॉडल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।