तेलंगाना: तेलंगाना के खुले बाजार में धान की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे मौजूदा खरीफ सीजन में किसानों को काफी अच्छा मुनाफा मिल रहा है। महबूबाबाद जिले की केसासमुद्रम कृषि मंडी में 'जय श्रीराम' किस्म का धान रिकॉर्ड 5,016 रुपये प्रति क्विंटल बिका, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है। नलगोंडा, करीमनगर और खम्मम जैसे जिलों में भी अच्छी किस्म के धान 3,000 से 3,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहे हैं।
कीमतों में यह भारी उछाल आपूर्ति की बदलती स्थितियों और निजी व्यापारियों तथा राइस मिल मालिकों की बढ़ती मांग के कारण आया है। अनुमान है कि पिछले साल की तुलना में इस खरीफ सीजन में धान की खेती में लगभग 14 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा, 'अल नीनो' (El Niño) को लेकर जताई जा रही चिंताओं ने उत्पादन के अनुमानों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों के व्यापारियों और राइस मिल मालिकों की मांग के कारण बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। खबर है कि कुछ व्यापारी धान की आपूर्ति पक्की करने के लिए किसानों को अग्रिम भुगतान (एडवांस पेमेंट) भी दे रहे हैं, जिससे खरीद की कीमतें और बढ़ गई हैं।
सरकारी खरीद दरों और खुले बाजार की कीमतों के बीच बढ़ता अंतर तेलंगाना के धान खरीद कार्यक्रम के लिए एक चुनौती बन गया है।
ग्रेड-ए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है। राज्य सरकार सात चुनिंदा अच्छी किस्मों के धान पर 500 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देती है, जिससे पात्र ग्रेड-ए धान के लिए कुल खरीद मूल्य 2,961 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाता है।
हालांकि, निजी व्यापारियों द्वारा 3,500 रुपये प्रति क्विंटल या उससे अधिक की कीमत दिए जाने के कारण, कई किसान अपनी उपज को सरकारी खरीद केंद्रों के बजाय खुले बाजार में बेचने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
इस स्थिति से सरकार के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए बांटने के लिए अच्छी किस्म का चावल जुटाने के प्रयास मुश्किल हो सकते हैं।
जहां धान की ऊंची कीमतों से किसानों को फायदा हो रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को चावल खरीदने के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है। कुछ बाजारों में तो प्रीमियम किस्म के चावल की खुदरा कीमत 90 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। एक किसान ने कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का स्वागत करते हुए कहा, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि धान की कीमतें इतनी अचानक बढ़ जाएंगी। इन ऊंची कीमतों से किसानों को बहुत फायदा होगा।"
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अच्छी किस्म के चावल की कीमतों में हुई इस वृद्धि के लिए 'अल नीनो' (El Niño) की स्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है। रेवंत रेड्डी ने यह भी याद दिलाया कि उनकी सरकार के अच्छी किस्म के धान की खेती को बढ़ावा देने के फैसले की शुरुआत में आलोचना हुई थी, लेकिन अब किसानों को बाजार में मिल रही ऊंची कीमतों से फायदा हो रहा है।
'जय श्रीराम' के अलावा, RNR जैसी धान की अन्य अच्छी किस्मों के लिए भी 4,300 रुपये प्रति क्विंटल तक की कीमत मिल रही है।
नवंबर और दिसंबर के दौरान कटाई का काम जोर पकड़ने की उम्मीद है, ऐसे में आने वाले हफ्तों में धान की कीमतों का रुख क्या होगा, यह अभी अनिश्चित है।
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