हैदराबाद: सरूरनगर के रहने वाले एक 34 वर्षीय व्यक्ति को ऑनलाइन लॉटरी धोखाधड़ी में 35.21 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। उसे एक प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने का लालच देकर 14 महीनों तक ठगा गया। पीड़ित की शिकायत पर मलकाजगिरी साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, 18 अगस्त 2025 को पीड़ित को एक अनजान मोबाइल नंबर से मैसेज मिला और उसे बिना उसकी सहमति के एक ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप के एडमिन और सदस्यों ने उसका भरोसा जीतने के लिए लॉटरी से जुड़ी टिप्स, सुझाव और बड़ी रकम जीतने के स्क्रीनशॉट शेयर किए।

जब उसने जवाब दिया, तो एडमिन ने उसे एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने और लॉटरी गतिविधियों में पैसे निवेश करने के लिए कहा। शुरुआत में उसने 2,000 रुपये निवेश किए, जिस पर उसे मुनाफा दिखाया गया। जब उसने पैसे निकाले, तो उसे 500 रुपये मिले। इससे उत्साहित होकर उसने अलग-अलग UPI ID के जरिए निवेश करना शुरू कर दिया। ठगों ने उसे दिखाया कि उसे नुकसान हो रहा है, और छोटे-छोटे रिटर्न देकर उसे और निवेश करने के लिए उकसाया। पीड़ित ने पैसे जुटाने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लिया, अपना सोना गिरवी रखकर लोन लिया और पर्सनल लोन भी लिए। उसने बताया कि कुल मिलाकर उसने 40,80,500 रुपये का निवेश किया, लेकिन उसे केवल 5,59,491 रुपये ही वापस मिले, जिससे उसे 35,21,009 रुपये का नुकसान हुआ।

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