हैदराबाद: जन स्वास्थ्य निदेशक ने 'एल नीनो' (El Nino) की स्थितियों को देखते हुए एक जन स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि लंबे समय तक सूखा रहने, अत्यधिक गर्मी और पानी की भारी कमी के कारण जलजनित बीमारियों, गर्मी से जुड़ी बीमारियों, कुपोषण और मानसिक तनाव का खतरा बढ़ सकता है।
परामर्श में नागरिकों से कहा गया है कि वे कम से कम एक मिनट तक उबाला हुआ पानी पिएं, पानी को साफ और ढके हुए बर्तनों में रखें, और आंगन, ड्राइववे या वाहनों को धोने के लिए बहते पानी का इस्तेमाल न करें।
जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ. बी. रविंदर नायक ने बताया कि सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष बिस्तर, IV फ्लूइड और जरूरी दवाइयों का इंतजाम किया है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ANM (सहायक नर्स दाई), ASHA (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पास ORS के पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं।
गर्मी के तनाव के दौरान, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और ORS या नमक वाली छाछ का सेवन करें। लोगों से कहा गया है कि दिन में जब गर्मी सबसे ज्यादा हो, तब खिड़कियां और पर्दे बंद रखें, और रात में उन्हें खोल दें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके। परामर्श में परिवारों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से ही दिल या ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को ठंडा रखा जाए और उनके शरीर में पानी की कमी न होने दी जाए।
विभाग ने शराब, ज्यादा कैफीन वाली चाय या कॉफी, और चीनी युक्त कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचने की भी सलाह दी है, क्योंकि इनसे शरीर में पानी की कमी और बढ़ सकती है। साथ ही, बच्चों या पालतू जानवरों को कभी भी खड़ी गाड़ी के अंदर न छोड़ें, क्योंकि वहां कुछ ही मिनटों में तापमान इतना बढ़ सकता है कि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे मौसमी फल और सब्जियां खाएं जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। साथ ही, ऐसा बचा हुआ खाना न खाएं जिसे ठीक से फ्रिज में न रखा गया हो, और तली-भुनी चीजों से भी परहेज करें।