हैदराबाद: निज़ाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (NIMS) ने नोरी लक्ष्मी भास्कर को सस्पेंड कर दिया है। वे संस्थान में एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट और एडिशनल प्रोफेसर थे। उन्हें 22 सितंबर, 2026 से सस्पेंड किया गया है, जो उनकी हिरासत की तारीख है।

यह सस्पेंशन ऑर्डर अगले आदेश तक लागू रहेगा। यह कार्रवाई एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद की गई है।

ऑर्डर में NIMS के डायरेक्टर राहुल देवराज ने कहा कि ACB ने रेडियो मैसेज के ज़रिए बताया है कि भास्कर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का मामला दर्ज किया गया है और उन्हें 22 सितंबर से हिरासत में ले लिया गया है।

यह भी बताया गया कि उनकी हिरासत की अवधि 48 घंटे से ज़्यादा हो गई है। तेलंगाना राज्य सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1991 के नियम 8(2)(a) के अनुसार, अगर कोई सरकारी कर्मचारी आपराधिक आरोप या किसी अन्य कारण से 48 घंटे से ज़्यादा समय तक हिरासत में रहता है, तो उसे हिरासत की तारीख से ही सस्पेंड माना जाएगा।

स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग ने 26 सितंबर, 2026 के मेमो नंबर 2044/VC-1/2026-1 के ज़रिए NIMS डायरेक्टर से अनुरोध किया है कि वे भास्कर को हिरासत की तारीख से ही 'डीम्ड सस्पेंशन' (मान लिया गया सस्पेंशन) में रखें।

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