केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की आलोचना किए जाने पर पलटवार किया। उन्होंने UPA सरकार के अपने गैजेट नोटिफिकेशन से एक विस्तृत घटनाक्रम जारी किया।

कई ट्वीट्स में किशन रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर "देश से झूठ बोल रहे हैं", जबकि केजरीवाल आयात के बारे में "झूठे दावे" फैला रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 22 नवंबर 2012 को कांग्रेस के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने 30 जून 2013 तक 5 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग अनिवार्य कर दी थी। इसके बाद 2 जनवरी 2013 को एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर तेल मार्केटिंग कंपनियों को 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचने का निर्देश दिया गया था।

मंत्री ने कहा, "140.4 करोड़ लीटर की ज़रूरत के मुकाबले, देश के उत्पादक केवल 55 करोड़ लीटर ही उपलब्ध करा पाए। अंतिम मात्रा घटकर 39.8 करोड़ लीटर रह गई। इस कमी को देखते हुए, कांग्रेस सरकार ने 82.03 करोड़ लीटर के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला।" उन्होंने आगे कहा कि पार्टी को अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख करना पड़ा क्योंकि वह "भारत के अपने किसानों से आपूर्ति करने की क्षमता विकसित नहीं कर पाई थी।"

किशन रेड्डी ने बताया कि इथेनॉल की खरीद 2013-14 में 38 करोड़ लीटर से बढ़कर 2023-24 में 707 करोड़ लीटर हो गई है। मौजूदा सप्लाई वर्ष में लगभग 1,050 करोड़ लीटर की ज़रूरत के मुकाबले भारतीय उत्पादक 1,776 करोड़ लीटर की पेशकश कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मई 2019 से ईंधन के मकसद से इथेनॉल के आयात पर रोक है और ब्लेंडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला हर लीटर इथेनॉल देश के भीतर से ही हासिल किया जाता है।

उन्होंने कहा, "और आखिरी बात, राहुल गांधी जी... 2 जनवरी 2013 के गैजेट नोटिफिकेशन पर भी बात कीजिए। उस पर आपकी पार्टी का नाम है।"

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