तेलंगाना HC ने MBBS-BDS स्थानीय कोटा में संशोधन वाली GO 150 के खिलाफ याचिकाएँ खारिज की
TELANGANA तेलंगाना: उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी.एम. मोहिउद्दीन ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा जारी GO 150 के खिलाफ दायर याचिकाओं की एक बैच को खारिज कर दिया। GO 150 ने पहले जारी GO 33 में संशोधन किया था, जो MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में स्थानीय कोटा के प्रावधानों को नियंत्रित करता है। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि GO 150 राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें किसी भी तरह की अवैधता या संवैधानिक उल्लंघन का मामला नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश स्वास्थ्य शिक्षा और स्थानीय कोटा नीति के तहत लागू किया गया है।
GO 33 पहले ही MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए स्थानीय कोटा तय करता था। GO 150 ने इस कोटे में कुछ संशोधन किए, जिससे स्थानीय छात्रों के लिए सीटों का वितरण अधिक स्पष्ट और सुव्यवस्थित हो गया। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि इस संशोधन से कुछ छात्रों के प्रवेश के अवसर प्रभावित होंगे, लेकिन न्यायालय ने इसे अपर्याप्त आधार मानते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार ने कहा कि यह कदम स्थानीय छात्रों के हित में है और इससे चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकार ने यह भी कहा कि GO 150 के तहत किसी भी योग्य उम्मीदवार के प्रवेश के अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है।
वहीं, शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय कोटा नीतियों में संशोधन अक्सर विवादास्पद होते हैं, क्योंकि ये सीधे छात्रों के प्रवेश अवसरों को प्रभावित करते हैं। GO 150 में किए गए बदलाव मुख्य रूप से सीट आवंटन प्रक्रिया को सरल और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश राज्य सरकार की नीतियों को वैध मानने का संकेत देता है और आने वाले वर्षों में MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में स्थानीय कोटा के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस मामले में अब याचिकाकर्ताओं के पास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प है, लेकिन फिलहाल HC का निर्णय राज्य सरकार के पक्ष में है।