Telangana सरकार ने लिया हैदराबाद मेट्रो फेज-1 का पूर्ण नियंत्रण

Update: 2026-04-29 16:36 GMT
Telangana तेलंगाना: हैदराबाद में तेलंगाना सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हैदराबाद मेट्रो रेल के फेज-1 की पूरी स्वामित्व हिस्सेदारी अपने अधीन ले ली है। इस प्रक्रिया के तहत सरकार ने लार्सन एंड टूब्रो (L&T) से 100 प्रतिशत शेयर आधिकारिक रूप से खरीद लिए हैं, जिससे मेट्रो परियोजना अब पूरी तरह राज्य सरकार के नियंत्रण में आ गई है।
यह अधिग्रहण शेयर परचेज एग्रीमेंट के अंतिम रूप दिए जाने के बाद पूरा हुआ। इस सौदे की कुल वैल्यू ₹1,461.47 करोड़ बताई गई है। सरकार और L&T के बीच यह समझौता लंबे समय से चर्चा में था, जिसे अब औपचारिक रूप से पूरा कर लिया गया है।
पहले यह ट्रांजिशन 31 मार्च तक पूरा किया जाना तय था, लेकिन इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) से वित्तीय व्यवस्था में देरी के कारण इसकी समयसीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई थी। इसके बाद सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर अधिग्रहण को अंतिम रूप दिया गया।
इस फैसले के साथ हैदराबाद मेट्रो रेल का पहला चरण, जो अब तक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित हो रहा था, अब पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में आ गया है। यह बदलाव परियोजना के संचालन और प्रबंधन प्रणाली में एक बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन माना जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस अधिग्रहण का उद्देश्य मेट्रो संचालन को अधिक कुशल, समन्वित और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना है। अब सरकार सीधे तौर पर संचालन, विस्तार और भविष्य की योजनाओं पर निर्णय ले सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण सरकारी नियंत्रण से मेट्रो परियोजना में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो सकती है और शहर के परिवहन नेटवर्क को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकेगा।
हैदराबाद मेट्रो, जो देश की प्रमुख शहरी परिवहन परियोजनाओं में से एक है, पहले चरण में PPP मॉडल के तहत विकसित की गई थी। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ बुनियादी ढांचे और संचालन का काम किया गया था।
अब इस बदलाव के बाद सरकार के पास परियोजना की पूरी जिम्मेदारी आ गई है, जिससे भविष्य में किराया नीति, विस्तार योजनाएं और तकनीकी सुधारों पर सीधा नियंत्रण रहेगा।
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि मेट्रो सेवाओं को और अधिक उपयोगी और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए आगे निवेश और विस्तार की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अधिग्रहण से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में एकरूपता आती है, लेकिन इसके साथ ही वित्तीय और संचालन संबंधी जिम्मेदारियां भी पूरी तरह सरकार पर आ जाती हैं।
इस अधिग्रहण के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि मेट्रो के दूसरे चरण और विस्तार परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, तेलंगाना सरकार द्वारा हैदराबाद मेट्रो फेज-1 का पूर्ण अधिग्रहण शहर के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो भविष्य में इसकी दिशा और विकास को नए स्तर पर ले जा सकता है।
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