तेलंगाना Telanganaतेलंगाना राज्य सरकार ने रविवार को पर्यावरणविदों को आश्वस्त किया कि कंचा गाचीबावली में 400 एकड़ क्षेत्र में स्थित मशरूम रॉक सहित चट्टान संरचनाएं उनकी नीलामी के बाद भी यथावत रहेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस 400 एकड़ में से एक इंच भी हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) की संपत्ति नहीं है, और यह दावा निराधार है कि इस क्षेत्र की नीलामी से दो प्रमुख झीलों को नुकसान होगा। सरकार ने यह भी कहा कि तेलंगाना राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम
(TSIIC)
ने एक ऐसा लेआउट तैयार किया है जिसमें चट्टान संरचनाओं को हरे क्षेत्र के रूप में संरक्षित किया गया है। ​
हालांकि, हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र और पर्यावरण कार्यकर्ता इस नीलामी का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे विश्वविद्यालय की विरासत और पर्यावरणीय महत्व वाले क्षेत्रों को खतरा हो सकता है। छात्र संघ ने 13 मार्च को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें इस भूमि की नीलामी को तुरंत रद्द करने की मांग की गई, क्योंकि इससे जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ​ सरकार और विरोध करने वाले समूहों के बीच यह विवाद कंचा गाचीबावली क्षेत्र की भूमि स्वामित्व, पर्यावरणीय संरक्षण और शैक्षणिक संस्थानों की संपत्ति अधिकारों से संबंधित जटिल मुद्दों को उजागर करता है।
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