हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को सभी दक्षिणी राज्यों की पुलिस बलों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक ऐसी मजबूत व्यवस्था बनाने का आह्वान किया, जो राज्यों की सीमाओं के पार पुलिस बलों के बीच समन्वय को बढ़ावा दे सके।
मुख्यमंत्री रेड्डी यहाँ 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (ICCC) में 'सदर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमिटी' (SRPCC) की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस बैठक में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) स्तर के अधिकारी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के प्रतिनिधि, तथा केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दक्षिण भारत को एक सुरक्षित क्षेत्र में बदलने की जिम्मेदारी उन्हीं की है।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे और ICCC प्रणालियों को साझा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने का एक अवसर प्रदान करता है।
यह कहते हुए कि सुरक्षा ही समाज की नींव है, उन्होंने कहा कि जनता एक ऐसी पुलिस बल की उम्मीद करती है जो प्रभावी ढंग से काम करे, नैतिक मूल्यों को बनाए रखे और पूरी निष्पक्षता के साथ अपना कर्तव्य निभाए।
उन्होंने कहा, "आज के दौर में, जब अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं, SRPCC जैसे मंच बहुत महत्वपूर्ण हैं। पुलिसिंग की रणनीतियों में बदलाव आना चाहिए और सुधार की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। मैं सुधारों में दृढ़ विश्वास रखता हूँ। पुलिस बल के लिए हम जो संसाधन आवंटित करते हैं, वह केवल एक खर्च नहीं है; बल्कि मैं इसे एक बेहतर समाज बनाने और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक निवेश के रूप में देखता हूँ।"
उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया कि हैदराबाद पुलिस प्रणाली को तीन अलग-अलग कमिश्नरेट में पुनर्गठित किया गया है, जिससे प्रत्येक पुलिस कमिश्नर अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर सकता है, जिससे बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न प्रकार के अपराधों पर विशेष ध्यान देने के लिए HYDRAA, EAGLE और T-SAFE जैसी विशेष इकाइयाँ गठित की हैं।
उन्होंने कहा, "वर्तमान में, साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और यातायात से जुड़ी चुनौतियाँ गंभीर हो गई हैं। सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए, प्रत्येक इकाई और हर विशेष विभाग को तकनीकी एकीकरण (टेक्नोलॉजिकल इंटीग्रेशन) और प्रशिक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए।" मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तेलंगाना में लागू किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना पुलिस विभाग को नशीले पदार्थों पर नियंत्रण, साइबर अपराध की रोकथाम और नक्सलवाद के खात्मे जैसे क्षेत्रों में किए गए प्रयासों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सराहना मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई 'प्रगति' (PRAGATI) समीक्षा बैठक के दौरान, साइबर अपराध पर नियंत्रण के मामले में तेलंगाना को देश में पहला स्थान मिला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तेलंगाना को पूरी तरह से नक्सल-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए हमारे पुलिस अधिकारियों की सराहना की है।
उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के क्षेत्र में अपने प्रदर्शन के लिए 'ईगल' (EAGLE) यूनिट को केंद्र सरकार से 80 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं। तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने साइबर अपराध के पीड़ितों की खोई हुई धनराशि को वापस दिलाने में नए मानक स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा, "हमने 'TG-SAFE' (टीजी-सेफ) नाम से एक नई यूनिट शुरू की है—जो अमेरिकी FDA की तर्ज पर बनी है—ताकि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने और दवाओं के नियमन के लिए विभिन्न विभागों के प्रयासों में समन्वय स्थापित किया जा सके।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारी 'HYDRAA' (हाइड्रा) यूनिट झीलों, तालाबों और अन्य जल निकायों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के अपने काम के लिए जनता से सराहना पा रही है, जिससे इन जल निकायों का पुराना गौरव वापस लौट रहा है। 'HYDRAA' सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भी काम कर रही है।"
मुख्यमंत्री रेड्डी ने दावा किया कि तेलंगाना देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस विभाग में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ट्रैफिक असिस्टेंट के रूप में नियुक्त किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कल्याण भी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने आगे कहा, "पुलिसकर्मी राज्य के लिए लड़ते हैं और जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं। जरूरत पड़ने पर, वे अपनी ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति भी दे देते हैं। उनके कल्याण और उनके परिवारों के भविष्य को सुनिश्चित करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।" तेलंगाना के डीजीपी सी.वी. आनंद, कर्नाटक के डीजीपी डॉ. एम.ए. सलीम, तमिलनाडु के डीजीपी डॉ. महेश अग्रवाल, पुडुचेरी की डीजीपी शालिनी सिंह, लक्षद्वीप के एडीजी बी. शंकर जायसवाल, केरल की आईजी अजिता बेगम, आंध्र प्रदेश के आईजीपी रवि कृष्णा, ईगल (EAGLE) के निदेशक संदीप शांडिल्य, तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) की निदेशक शिखा गोयल और अन्य लोग इस बैठक में शामिल हुए।
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