हैदराबाद: गांजा तस्करी के मामले में हैदराबाद पुलिस के सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) की स्पेशल क्राइम टीम ने पांच लोगों को पकड़ा है। इनमें तीन बुजुर्ग शामिल हैं - एक 78 साल के व्यक्ति और एक 66 साल की महिला।

गांधीनगर पुलिस ने भी CCS की टीम की मदद से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान राजाराम स्वामी कन्नू पडैयाची (78), संतोष बलराम प्रजापति (65), विजयलक्ष्मी कालियामूर्ति पिल्लई (66), सिलमिना कुजूर (36) और शीला देवी (48) के तौर पर हुई है। ये सभी मुंबई और ठाणे के रहने वाले हैं।

राजाराम होमस्टे में कर्मचारी हैं, संतोष कुली का काम करते हैं, और सिलमिना व शीला देवी मेड (घरेलू सहायिका) के तौर पर काम करती थीं। विजयलक्ष्मी उनकी परिचित हैं। वे विशाखापत्तनम के पास अराकू से मुंबई तक गांजा पहुंचाने का काम कर रहे थे।

अपने कॉन्टैक्ट पर्सन के निर्देश पर, वे अराकू से बड़ी मात्रा में सूखा गांजा खरीदते थे और उसे भूरे रंग के पार्सल कवर में पैक करते थे। वे बस से पार्सल हैदराबाद लाते थे और फिर हैदराबाद से दूसरी बस पकड़कर मुंबई जाते थे।

मुंबई पहुंचने पर, वे कॉन्टैक्ट पर्सन के बताए अनुसार तय जगहों पर पार्सल पहुंचाते थे। इन ट्रांसपोर्टर्स को हर डिलीवरी के लिए कमीशन मिलता था। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) एम. श्रीनिवासुलु ने बताया कि आरोपियों का गांजा तस्करी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है।

उन्होंने बताया कि हर डिलीवरी के लिए आरोपियों को लगभग 10,000 से 12,000 रुपये मिलते थे। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी गोपी, जो अभी फरार है, इन बुजुर्गों और महिलाओं का इस्तेमाल ट्रांसपोर्टर के तौर पर कर रहा था। उसे लगता था कि पुलिस इन पर कम नज़र रखेगी, जिससे आसानी से तस्करी की जा सकेगी।

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