HYDERABAD हैदराबाद। हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) छात्र संघ और अन्य छात्र संगठन बुधवार को कैंपस में विरोध प्रदर्शन कर छात्र संघ के समय पूर्व विघटन के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। छात्रों ने प्रशासन से तत्काल इस फैसले को वापस लेने की मांग की। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के सामने धरना लगाते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने छात्र संघ को बिना उचित प्रक्रिया अपनाए समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग (UGBM) बुलाए बिना यह निर्णय लिया गया। छात्र संघ ने सवाल उठाया कि संघ अपने कार्यकाल के दौरान अपने सभी कार्यक्रम और UGBM क्यों नहीं कर पाया, जबकि प्रशासन ने पहले ही इसे समाप्त कर दिया। छात्र संघ के अनुसार, Dean of Students Welfare (DSW) के साथ हुई बैठक में ABVP को छोड़कर सभी छात्र संगठनों ने संघ को अपने कार्यकाल को पूरा करने की अनुमति देने का सर्वसम्मत निर्णय लिया था। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र समुदाय की सहमति को नजरअंदाज कर ABVP के पक्ष में और राजनीतिक हितों के तहत यह निर्णय लिया।
छात्र संघ ने इसे छात्रों की स्वायत्तता पर सीधा हमला और लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व के मुख्य मंच को खत्म करने की कोशिश बताया। संघ ने कहा कि यह कदम चुनावी प्रतिनिधि निकाय को समाप्त करने का प्रयास है और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करता है। छात्र संघ ने विश्वविद्यालय से अनुरोध किया कि वह लिंगडोह समिति की सिफारिशों का सम्मान और पालन करे और प्रशासन राजनीतिक पक्षपात और भेदभाव से बचें। छात्रों ने यह भी जोर दिया कि छात्र संघ को अपने कार्यकाल तक स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति मिलनी चाहिए। प्रदर्शन में छात्रों ने बैनर और पोस्टर्स के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा और कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को नहीं मानता है, तो वे अग्रिम आंदोलन और संघर्ष के लिए तैयार हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि छात्र प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक मंच का संरक्षण विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है और इसे किसी भी राजनीतिक प्रभाव से प्रभावित नहीं होने देना चाहिए।