हैदराबाद: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें शांता श्रीराम कंस्ट्रक्शन्स के पक्ष में आए हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकार तय समय के भीतर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने में नाकाम रही।

जस्टिस दीपांकर गुप्ता की अध्यक्षता वाली बेंच ने तेलंगाना सरकार की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि सिकंदराबाद में 40 एकड़ ज़मीन शांता श्रीराम प्राइवेट लिमिटेड की निजी संपत्ति है।

शांता श्रीराम कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड ने मेडचल-मलकजगिरी जिले के लोथुकुंटा गांव में सर्वे नंबर 1 और 2 में स्थित अपनी 40 एकड़ निजी ज़मीन पर HYDRAA, अन्य विभागों और पुलिस के दखल की शिकायत की थी।

तेलंगाना हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार को HYDRAA कमिश्नर ए.वी. रंगनाथ को उनके पद से हटाने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश सिकंदराबाद के लोथकुंटा में 40 एकड़ ज़मीन के मामले में कोर्ट के आदेशों की बार-बार जानबूझकर अवहेलना करने के आरोप के कारण दिया गया था। बेंच ने रंगनाथ और HYDRAA अधिकारियों को अगले आदेश तक विवादित संपत्ति में प्रवेश न करने या उसमें दखल न देने का भी निर्देश दिया।

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