Hyderabad हैदराबाद: शहर में KBR पार्क के आसपास फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया गया। यह विरोध हाल ही में शुरू हुए “सेव KBR पार्क” अभियान के तहत चार दिनों के भीतर आयोजित दूसरा प्रदर्शन है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इंडो-अमेरिकन कैंसर हॉस्पिटल और महाराजा अग्रसेन आइलैंड के बीच प्रस्तावित परियोजना के कारण बड़ी संख्या में पेड़ों को काटा जा सकता है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण पर असर पड़ेगा। इस मुद्दे को लेकर नागरिक समूहों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर विरोध जताया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि KBR पार्क और उसके आसपास का इलाका शहर के महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में से एक है, जो न केवल जैव विविधता के लिए जरूरी है, बल्कि शहर के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाता है। उनका मानना है कि पेड़ों की कटाई से इस संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि विकास कार्यों को इस तरह से डिजाइन किया जाए कि पेड़ों की कटाई कम से कम हो या उसे पूरी तरह टाला जा सके। उन्होंने कहा कि शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
“सेव KBR पार्क” अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि वे लगातार इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से इस परियोजना की समीक्षा करने और वैकल्पिक समाधान तलाशने की अपील की है।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण के लिए ऐसे मार्गों का चयन किया जाए, जहां हरित क्षेत्र को कम से कम नुकसान हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पेड़ों की कटाई अनिवार्य हो, तो उसके बदले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि KBR पार्क के आसपास का इलाका पहले से ही ट्रैफिक दबाव और शहरीकरण का सामना कर रहा है, और ऐसे में पेड़ों की कटाई से स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है।
प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार परियोजना शहरी यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है। हालांकि, विरोध के बाद इस पर आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस बीच, पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ ऐसे मुद्दों पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। KBR पार्क के पास हो रहे इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत को उजागर किया है।