हैदराबाद: तेलंगाना पुलिस ने गुरुवार को हुजूराबाद के BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी द्वारा दायर एक याचिका का विरोध किया। पुलिस का तर्क है कि उन्होंने जिस राहत की मांग की है, वह BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के प्रावधानों के तहत नहीं दी जा सकती।

सरकारी वकील पल्ले नागेश्वर राव ने तेलंगाना हाई कोर्ट में यह बात कही। यह जवाब कौशिक द्वारा दायर दो आपराधिक याचिकाओं के संदर्भ में था, जिनमें उन्होंने करीमनगर के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें पुलिस को जांच के हिस्से के रूप में उनका वॉयस सैंपल (आवाज का नमूना) लेने की अनुमति दी गई थी।

ये मामले जनवरी 2026 में हुजूराबाद और वीनावांका पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए थे। आरोप है कि विधायक ने पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली और करीमनगर के पुलिस कमिश्नर गौश आलम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।

बाद में इस जांच को CID को सौंप दिया गया। BRS विधायक ने अपनी याचिकाओं में करीमनगर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 25 जून 2026 को दिए गए आदेशों को रद्द करने की मांग की है। ये आदेश 2026 के अपराध संख्या 30 और 29 से जुड़े मामलों में दिए गए थे। रना पड़ रहा है, जहां छोटे कमरों में तीन-तीन छात्र एक साथ रह रहे हैं।

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