हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने जनगांव जिले के कलेक्टर द्वारा तथ्यों की जांच किए बिना, कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सहारे जमीन विवाद का फैसला लेने पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कलेक्टर के 8 सितंबर के आदेश को निलंबित कर दिया है और राजस्व तथा जिला अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार, जनगांव जिले के देवरुप्पुला मंडल के पेद्दामादुर गांव के निवासी मेदिपल्ली कोमुराया द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कलेक्टर ने उनकी जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों और विवरणों की ठीक से जांच किए बिना, AI का इस्तेमाल करके एकतरफा (ex-parte) आदेश पारित कर दिया।

याचिकाकर्ता के वकील एम. माधवा रेड्डी ने तर्क दिया कि यह आदेश बिना सोचे-समझे (बिना दिमाग लगाए) जारी किया गया था। जज ने सवाल किया कि कोई कलेक्टर तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना, राजस्व विवाद सुलझाने के लिए AI पर कैसे भरोसा कर सकता है? उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले सीधे तौर पर किसानों, जमीन मालिकों और आम नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करते हैं।

कोर्ट ने 8 सितंबर के आदेश को निलंबित कर दिया और राजस्व विभाग के प्रधान सचिव, जनगांव कलेक्टर, देवरुप्पुला तहसीलदार और अन्य को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।


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