हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें एक प्रोबेशनरी पुलिस सब-इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी को रद्द करने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पी. सैम कोशी और न्यायमूर्ति नरसिंह राव नंदीकोंडा की खंडपीठ ने 30 अप्रैल, 2026 के एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा। इस आदेश में अधिकारी के प्रोबेशन की पुष्टि (कन्फर्मेशन) रोकने और उसे छह महीने के लिए बढ़ाने के अधिकारियों के फैसलों को रद्द कर दिया गया था।
अधिकारी को 20 नवंबर, 2018 को 'तेलंगाना राज्य और अधीनस्थ सेवा नियम, 1996' के नियम 16(a) के तहत, शुरू में दो साल के प्रोबेशन पर पुलिस सब-इंस्पेक्टर (सिविल) के पद पर नियुक्त किया गया था।
प्रोबेशन के दौरान, उनकी पत्नी की शिकायत पर गोदावरीखानी-I पुलिस स्टेशन में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया। यह मामला IPC की धारा 498A और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत दर्ज हुआ था। इस मामले की सुनवाई गोदावरीखानी के प्रथम श्रेणी के अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट (Additional Judicial Magistrate of First Class) के समक्ष हुई।
विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, जिस पर हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल, 2022 को रोक लगा दी थी। इस बीच, उनके प्रोबेशन को छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया। 26 मई, 2025 को अधिकारियों ने उनके प्रदर्शन को असंतोषजनक बताते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।