हैदराबाद: पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद ने बथुकम्मा को तेलंगाना की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और प्रकृति के साथ आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक बताया है। बुधवार को डीजीपी कार्यालय में आयोजित बथुकम्मा समारोह में भाग लेते हुए आनंद ने कहा कि बोनालु के साथ यह त्योहार राज्य की सांस्कृतिक पहचान में एक विशेष स्थान रखता है। अपनी दादी के घर पर बथुकम्मा मनाने की अपनी बचपन की यादों को याद करते हुए, डीजीपी ने त्योहार के अद्वितीय महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान गुजरात में डांडिया एक प्रमुख आकर्षण है, वहीं बथुकम्मा उत्सव के माध्यम से देवी गौरम्मा की पूजा करना तेलंगाना की विशिष्ट परंपराओं का प्रतिनिधित्व करता है। आनंद ने कहा कि बथुकम्मा प्रकृति का जश्न मनाती है और तेलंगाना की महिलाओं की आध्यात्मिकता और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाती है। उन्होंने समारोह शुरू होने पर खुशी जताई और लोगों को त्योहार की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में डीजी (कानून एवं व्यवस्था) महेश भागवत, डीजी (संगठन) स्वाति लाकड़ा, एडीजी अकुन सभरवाल, मल्टी जोन-1 आईजी चंद्रशेखर रेड्डी, आईजी (सड़क सुरक्षा) रमेश नायडू सहित मुख्य सूचना अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और अन्य कर्मचारी शामिल हुए।