हैदराबाद: सोमवार को उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल में 500 से ज़्यादा जूनियर डॉक्टरों, इंटर्न, पोस्ट-ग्रेजुएट रेजिडेंट्स और सुपर-स्पेशियलिटी रेजिडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही कमियों को दूर करने के लिए लिखित आश्वासन और एक तय समय-सीमा की मांग की।
तेलंगाना जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (T-JUDA) ने कहा कि ज़ुबानी आश्वासन काफ़ी नहीं हैं। उन्होंने एक औपचारिक प्रतिबद्धता की मांग की, जिसमें मेडिकल शिक्षा, क्लिनिकल ट्रेनिंग, काम करने की स्थितियों और मरीज़ों की देखभाल से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए समय-सीमा तय हो (बेहतर होगा कि यह एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU के ज़रिए हो)।
डॉक्टरों ने ज़रूरी दवाओं, मेडिकल उपकरणों और इस्तेमाल होने वाली चीज़ों (जैसे स्टेंट, कैथेटर और एक्स-रे सप्लाई) की कमी की ओर इशारा किया और कहा कि इससे अस्पताल की सेवाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ये कमियां सिर्फ़ उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मौजूद हैं।